नई दिल्ली: नई दिल्ली में आयोजित डिफेंस कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को कहा कि भारत आत्मनिर्भर और भविष्य के लिए तैयार रक्षा इकोसिस्टम की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु के रक्षा औद्योगिक गलियारों में अब तक करीब 70,000 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव आए हैं और करीब 10,000 करोड़ रुपये का निवेश पहले ही किया जा चुका है।
राजनाथ सिंह ने कहा, “पिछले 12 वर्षों में न केवल हमारे रक्षा क्षेत्र की क्षमता बढ़ी है, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने के हमारे दृष्टिकोण में भी महत्वपूर्ण बदलाव आया है। अब हमारा ध्यान केवल वर्तमान जरूरतों को पूरा करने तक सीमित नहीं है। बल्कि आज हम आत्मनिर्भर और भविष्य-उन्मुख रक्षा इकोसिस्टम तैयार करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।”
उन्होंने कहा, “आज भारत में रक्षा विनिर्माण का इकोसिस्टम पूरी तरह बदल गया है। इसमें रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (DPSUs) हैं। निजी उद्योग हैं। 16,000 से अधिक MSMEs हैं। स्टार्टअप हैं। विश्वविद्यालय हैं। शोध संस्थान हैं। व्यक्तिगत नवोन्मेषक हैं। यह नया रक्षा औद्योगिक परिसर केवल दिल्ली या किसी एक शहर तक सीमित नहीं है। उत्तर प्रदेश से तमिलनाडु तक, गुजरात से महाराष्ट्र तक, कर्नाटक से तेलंगाना तक, देश के विभिन्न हिस्सों में रक्षा विनिर्माण का एक नया नेटवर्क आकार ले रहा है।”
राजनाथ सिंह ने इस क्षेत्र में युवाओं की भागीदारी के लिए विशेष रूप से उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा, “हमने युवाओं से कहा कि केवल नौकरी तलाशने वाले न बनें। रोजगार देने वाले बनें। लेकिन रक्षा क्षेत्र में हम इससे भी आगे गए और कहा कि राष्ट्र की सुरक्षा के लिए प्रौद्योगिकी भागीदार बनें। iDEX इसी सोच का परिणाम है। iDEX और iDEX-Prime जैसी योजनाओं के माध्यम से हम रक्षा नवाचारों को बढ़ावा दे रहे हैं।”







