नई दिल्ली: औद्योगिक और ऑटोमोटिव लुब्रिकेंट्स के अग्रणी निर्माता एवं विपणक GP Petroleums Limited (GPPL) ने अपने प्रसिद्ध “IPOL” ब्रांड के तहत कारोबार करते हुए, गैर-परिवर्तनीय डिबेंचर (NCDs) और वैकल्पिक रूप से परिवर्तनीय डिबेंचर (OCDs) जारी कर ₹130 करोड़ तक की पूंजी जुटाने के प्रस्ताव को बोर्ड की मंजूरी मिलने की घोषणा की है। कंपनी इस राशि का उपयोग अपने मौजूदा कारोबार के विस्तार और कार्यशील पूंजी की जरूरतों को पूरा करने के लिए करेगी।
कंपनी 36 महीने की अवधि के लिए ₹30 करोड़ तक के कुल 300 NCDs और 18 महीने की अवधि के लिए ₹100 करोड़ तक के कुल 1,000 OCDs जारी करेगी। प्रत्येक डिबेंचर का अंकित मूल्य ₹10 लाख होगा। दोनों वित्तीय साधन निजी नियोजन के आधार पर RevX Special Credit Opportunities Fund II को जारी किए जाएंगे। इनका निर्गम एक या अधिक चरणों में किया जाएगा। OCDs का निर्गम आगामी डाक मतपत्र के माध्यम से शेयरधारकों की सहमति सहित आवश्यक वैधानिक मंजूरियों पर निर्भर करेगा।
GP Petroleums Ltd. के गैर-कार्यकारी निदेशक दिलीप वासवानी ने कहा, “प्रस्तावित वित्तपोषण हमें अपने जैविक और अजैविक, दोनों तरह की विकास योजनाओं को गति देने के लिए वित्तीय लचीलापन प्रदान करेगा। यह हाइड्रोकार्बन क्षेत्र में अपनी बाजार स्थिति मजबूत करने के हमारे रणनीतिक दृष्टिकोण के प्रति विश्वास को भी दर्शाता है। साथ ही, इससे हमारे हितधारकों के लिए दीर्घकालिक मूल्य सृजित करने की दिशा में वित्तीय आधार मजबूत होगा।”
OCDs के रूपांतरण से जारी होने वाले इक्विटी शेयरों को BSE और NSE पर सूचीबद्ध करने का प्रस्ताव है। NCDs और OCDs पर 13 प्रतिशत वार्षिक कूपन दर लागू होगी, जिसकी गणना मासिक चक्रवृद्धि आधार पर की जाएगी और भुगतान तिमाही आधार पर होगा। इसके अतिरिक्त, कंपनी आवंटन की मानी गई तारीख पर 1.5 प्रतिशत अतिरिक्त कूपन का भुगतान करेगी।







