नई दिल्ली: अडानी पोर्टफोलियो का हिस्सा और भारत की प्रमुख बिल्डिंग मटेरियल सॉल्यूशन प्रदाता कंपनियों में से एक, अंबुजा सीमेंट्स लिमिटेड ने अपने विस्तार के अगले चरण की योजना को अंतिम रूप दे दिया है। इसके तहत प्रमुख बाजारों में नई ग्रीनफील्ड और ब्राउनफील्ड परियोजनाओं के माध्यम से लगभग 30 एमटीपीए सीमेंट उत्पादन क्षमता जोड़ने की योजना है। इस कार्यक्रम से पूर्वी, पश्चिमी और उत्तरी क्षेत्रों में कंपनी का विनिर्माण नेटवर्क विस्तारित होगा। वर्तमान में कंपनी की देशभर में 24 इंटीग्रेटेड प्लांट और 24 ग्राइंडिंग यूनिट के माध्यम से 113.5 एमटीपीए सीमेंट उत्पादन क्षमता है।
इस विस्तार योजना में पश्चिमी क्लस्टर में लगभग 15.5 एमटीपीए, पूर्वी क्लस्टर में 11.6 एमटीपीए और उत्तरी क्लस्टर में 2.9 एमटीपीए की नई ग्राइंडिंग क्षमता शामिल है। पूर्वी क्लस्टर में असम के रंगिया (2.9 एमटीपीए) और होजाई (2.9 एमटीपीए), झारखंड के गोड्डा (2.9 एमटीपीए) तथा बिहार के मुजफ्फरपुर (2.9 एमटीपीए) में क्षमता जोड़ी जाएगी। पश्चिमी क्लस्टर में गुजरात के मुंद्रा (2.9 एमटीपीए) और हजीरा (2.9 एमटीपीए), महाराष्ट्र के रायगढ़ (2.9 एमटीपीए), कल्याण (2.9 एमटीपीए), दहानू (0.7 एमटीपीए) और अमरावती (2.9 एमटीपीए) में विस्तार किया जाएगा। वहीं, उत्तरी क्लस्टर में उत्तर प्रदेश के दादरी लाइन-2 (2.9 एमटीपीए) में नई क्षमता जोड़ी जाएगी। इस कार्यक्रम में क्लिंकर उत्पादन क्षमता का विस्तार भी शामिल है। इसके तहत पूर्वी क्लस्टर में असम के उमरांगसो में 4 एमटीपीए, जबकि पश्चिमी क्लस्टर में मराठा में 4 एमटीपीए और मुंद्रा में 2.3 एमटीपीए की नई क्लिंकर क्षमता स्थापित की जाएगी। इससे विस्तारित ग्राइंडिंग नेटवर्क को आवश्यक क्लिंकर आपूर्ति उपलब्ध कराने वाला नेटवर्क मजबूत होगा।
अडानी ग्रुप के सीमेंट बिजनेस के सीईओ विनोद बाहेती ने कहा, “हमारे विस्तार का अगला चरण विकास की गुणवत्ता और अधिक संतुलित विनिर्माण नेटवर्क तैयार करने पर केंद्रित है। क्लिंकर और ग्राइंडिंग क्षमता के बीच तालमेल मजबूत करने तथा उच्च विकास क्षमता वाले प्रमुख बाजारों के नजदीक विस्तार के जरिए हम अपने नेटवर्क में अधिक लचीलापन ला रहे हैं। विस्तार के साथ हमारा ध्यान बाजार तक पहुंच, लॉजिस्टिक्स और लागत दक्षता के बीच संतुलन बनाने पर है, ताकि क्षमता में होने वाली प्रत्येक वृद्धि पूरे कारोबार की प्रतिस्पर्धात्मकता को मजबूत करे। इन बाजारों में हमारा मजबूत सप्लाई चेन इकोसिस्टम, बेहतर ब्रांड इक्विटी और प्रीमियम सीमेंट की बढ़ती हिस्सेदारी है। हमारा यह विस्तार मूल्य-आधारित रणनीतिक विकास के अनुरूप होगा।”
विस्तार के इस चरण और अतिरिक्त क्षमता संबंधी बाधाओं को दूर करने की पहलों से वित्त वर्ष 2030 तक कुल सीमेंट उत्पादन क्षमता बढ़कर 155 एमटीपीए हो जाएगी। इस विस्तार कार्यक्रम पर कुल लगभग 14,500 करोड़ रुपये का पूंजीगत व्यय किया जाएगा। बाजार हिस्सेदारी बढ़ाने के अलावा, इन क्षमताओं से बेहतर दक्षता के जरिए विनिर्माण लागत कम करने में भी मदद मिलेगी। बाजारों के नजदीक उत्पादन सुविधाएं होने से आपूर्ति की दूरी और लॉजिस्टिक्स लागत भी कम होगी। कुल मिलाकर, इससे वित्त वर्ष 2028 तक 4,000 रुपये प्रति मीट्रिक टन की लागत हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ने में मदद मिलेगी।
यह नया कार्यक्रम पहले से चल रही क्षमता विस्तार परियोजनाओं पर आधारित है। वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही (H1 FY27) के दौरान कंपनी ने 4.6 एमटीपीए क्षमता जोड़ी। इसमें गुजरात के दहेज में 1.2 एमटीपीए का ब्राउनफील्ड विस्तार, उत्तर प्रदेश में नई 2.4 एमटीपीए की सलाई बनवा ग्राइंडिंग यूनिट और महाराष्ट्र के कलंबोली में 1.0 एमटीपीए का ब्राउनफील्ड विस्तार शामिल है। इसके साथ कंपनी की कुल सीमेंट उत्पादन क्षमता बढ़कर 113.5 एमटीपीए हो गई।
निकट भविष्य में कंपनी की क्षमता में और वृद्धि होगी। पंजाब के बठिंडा जीयू (1.2 एमटीपीए) (नॉर्थ क्लस्टर) और राजस्थान के जोधपुर पेन्ना आईयू (2 एमटीपीए) के माध्यम से 3.2 एमटीपीए अतिरिक्त क्षमता जुड़ने की प्रक्रिया है। ये इकाइयां स्थिर हो चुकी हैं और वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी छमाही में इनकी उत्पादन क्षमता बढ़ने की उम्मीद है। इसके अलावा, बिहार के वारिसलीगंज जीयू (2.4 एमटीपीए) (ईस्ट क्लस्टर) को वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी छमाही में चालू किया जाएगा। कंपनी की कुल उत्पादन क्षमता मार्च 2027 के अंत तक बढ़कर 119 एमटीपीए होने की उम्मीद है।
अधिग्रहण के बाद से अंबुजा ने 11 क्षमता विस्तार परियोजनाएं पूरी की हैं। 30 सितंबर 2026 तक कंपनी ने 16.3 एमटीपीए सीमेंट उत्पादन क्षमता और 9.0 एमटीपीए क्लिंकर उत्पादन क्षमता जोड़ी है। नई 30 एमटीपीए विस्तार योजना इस विकास यात्रा का अगला चरण है, जिससे कंपनी का देशव्यापी विनिर्माण नेटवर्क और मजबूत होगा तथा उसकी उत्पादन क्षमता, भौगोलिक पहुंच और दक्षता में वृद्धि होगी। इस नेटवर्क में 25 इंटीग्रेटेड यूनिट (IU), 37 ग्राइंडिंग यूनिट (GU) और 3 क्लिंकर यूनिट (CU) शामिल हैं।







