अहमदाबाद: वैश्विक स्तर पर विविध कारोबार करने वाले अडानी समूह की कंपनी अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड (AESL) ने 30 सितंबर, 2026 को समाप्त तिमाही के वित्तीय और परिचालन प्रदर्शन की घोषणा की। कंपनी भारत में निजी क्षेत्र की सबसे बड़ी ट्रांसमिशन, डिस्ट्रीब्यूशन, स्मार्ट मीटरिंग और ऊर्जा समाधान प्लेटफॉर्म कंपनी है।
कंपनी ने बताया कि वित्त वर्ष की पहली छमाही में मजबूत वित्तीय और परिचालन प्रदर्शन के साथ उसने भविष्य की वृद्धि के लिए मजबूत आधार तैयार किया है। रणनीतिक विजाग और सतारा ट्रांसमिशन परिसंपत्तियों को हासिल करने से कंपनी की विकास परियोजनाओं की पाइपलाइन में उल्लेखनीय विस्तार हुआ है और उसका सक्रिय ऑर्डर बुक बढ़कर लगभग 87,000 करोड़ रुपये हो गया है।

राजस्व (Revenue)
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वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही (Q2FY27) में कंपनी की कुल आय 10,239 करोड़ रुपये रही, जो 51% की वृद्धि दर्शाती है।
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इस तिमाही में परिचालन राजस्व 7,167 करोड़ रुपये रहा, जिसमें 51% की वृद्धि दर्ज की गई। इसमें ट्रांसमिशन और ऊर्जा समाधान प्लेटफॉर्म का मजबूत योगदान रहा।
EBITDA
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वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही (H1FY27) में कंपनी का EBITDA अब तक के उच्चतम स्तर 6,726 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जबकि दूसरी तिमाही में यह 3,548 करोड़ रुपये रहा। इसमें क्रमशः 62% और 67% की मजबूत वृद्धि दर्ज की गई।
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पहली छमाही में परिचालन EBITDA 70% बढ़कर 5,878 करोड़ रुपये और दूसरी तिमाही में 68% बढ़कर 3,070 करोड़ रुपये हो गया।
Segment-wise Financial Highlights: (Rs crore)

AEML: Adani Electricity Mumbai Ltd; MUL: MPSEZ (Mundra) Utility Ltd.

विभिन्न कारोबारों में प्रगति और संभावनाएं
ट्रांसमिशन
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कंपनी के पास लगभग 87,000 करोड़ रुपये की 15 परियोजनाओं की मजबूत पाइपलाइन है, जिन्हें पूरा किया जाना है।
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निकट भविष्य में लगभग 1.4 लाख करोड़ रुपये के ट्रांसमिशन टेंडर मिलने की संभावनाएं मजबूत बनी हुई हैं।
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तिमाही के दौरान कंपनी का औसत सिस्टम उपलब्धता स्तर 99.8% से अधिक रहा। बेहतर लाइन उपलब्धता के कारण H1FY27 में 61 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन आय प्राप्त हुई, जो परिचालन एवं रखरखाव (O&M) की सर्वोत्तम प्रक्रियाओं को दर्शाती है।
डिस्ट्रीब्यूशन कारोबार (AEML मुंबई और MUL)
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डिस्ट्रीब्यूशन कारोबार का प्रदर्शन स्थिर रहा। वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही तक अडानी इलेक्ट्रिसिटी मुंबई लिमिटेड (AEML) का रेगुलेटेड एसेट बेस (RAB) 10,456 करोड़ रुपये रहा। इसमें 5,564 करोड़ रुपये की इक्विटी और 4,892 करोड़ रुपये का कर्ज शामिल है। इसमें सालाना आधार पर 11% की वृद्धि दर्ज की गई।
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कंपनी ने बिजली आपूर्ति की 99% विश्वसनीयता बनाए रखी। परिचालन मानकों के मामले में AEML भारत के डिस्ट्रीब्यूशन क्षेत्र में अग्रणी बनी हुई है।
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मुंबई सर्किल में बेची गई बिजली की कुल मात्रा Q2FY26 के 2,650 मिलियन यूनिट (MU) से 11% बढ़कर Q2FY27 में 2,930 MU हो गई।
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MPSEZ (मुंद्रा) यूटिलिटी लिमिटेड (MUL) की बिजली बिक्री पिछले वर्ष के 364 MU से 26% बढ़कर 460 MU हो गई। इसमें औद्योगिक और वाणिज्यिक मांग की मजबूत भूमिका रही।
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बेहतर परिचालन दक्षता के कारण H1FY27 में AEML नेटवर्क का वितरण नुकसान घटकर 4.29% रहा।
स्मार्ट मीटर
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वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही तक कंपनी ने कुल 1.48 करोड़ स्मार्ट मीटर स्थापित किए।
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कार्यान्वयन के तहत स्मार्ट मीटरों की पाइपलाइन 2.46 करोड़ मीटर की है। इसमें 10 परियोजनाएं शामिल हैं, जिनसे 29,519 करोड़ रुपये से अधिक का संभावित राजस्व प्राप्त होने की संभावना है।
ऊर्जा समाधान प्लेटफॉर्म
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कंपनी ने महाराष्ट्र राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड (MSEDCL) के साथ 25 वर्षों की अवधि के लिए 2,500 मेगावाट चौबीसों घंटे (RTC) बिजली आपूर्ति का पावर परचेज एग्रीमेंट (PPA) किया।
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कंपनी ने सौर और पवन ऊर्जा के माध्यम से लगभग 4.6 गीगावाट बिजली आपूर्ति तथा 3.5 गीगावाट-घंटे (GWh) की बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (BESS) के लिए आपूर्ति संबंधी समझौते किए हैं। इससे वाणिज्यिक एवं औद्योगिक (C&I) उपभोक्ताओं, डेटा सेंटरों और यूटिलिटी कंपनियों के लिए मजबूत ऊर्जा पोर्टफोलियो तैयार होगा तथा एकीकृत नवीकरणीय और चौबीसों घंटे डिजिटल ऊर्जा समाधान उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
ESG और अन्य अपडेट
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S&P Global की नवीनतम MSA समीक्षा में AESL ने वैश्विक यूटिलिटी कंपनियों के बीच सर्वोच्च ESG स्कोर हासिल किया। कंपनी का स्कोर 81 से बढ़कर 90/100 हो गया, जो उद्योग के 41 के औसत स्कोर से काफी अधिक है।
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AESL ने Intertek द्वारा सत्यापित ‘जीरो वेस्ट टू लैंडफिल’ का दर्जा हासिल किया। कंपनी ने 6 लाख किलोग्राम से अधिक कचरे को लैंडफिल में जाने से रोका और अपने ट्रांसमिशन तथा सबस्टेशन परिचालन में 99% से अधिक कचरा डायवर्जन दर बनाए रखी।
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AEML ने REC की DISCOMs उपभोक्ता सेवा रेटिंग (CSRD) में A+ रेटिंग हासिल कर भारत की शीर्ष रैंक वाली डिस्ट्रीब्यूशन यूटिलिटी के रूप में अपना स्थान बरकरार रखा।
कंपनी के अनुसार, मुंबई में उसके डिस्ट्रीब्यूशन कारोबार में बिजली बिक्री की मात्रा लगभग 11% बढ़ी, जबकि स्मार्ट मीटरिंग प्लेटफॉर्म के तहत स्थापित मीटरों की संख्या लगभग 1.5 करोड़ तक पहुंच गई। MSEDCL के साथ 2.5 गीगावाट बिजली की चौबीसों घंटे आपूर्ति का महत्वपूर्ण अनुबंध ऊर्जा के विभिन्न स्रोतों को एकीकृत करने और ग्राहकों के लिए बिजली आपूर्ति को बेहतर बनाने की AESL की क्षमताओं को मजबूत करता है।
अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस के CEO कंदर्प पटेल ने कहा, “सभी कारोबारी क्षेत्रों में तिमाही-दर-तिमाही मजबूत प्रदर्शन और वित्तीय अनुशासन के दम पर हम इस विशाल परियोजना पाइपलाइन को दीर्घकालिक हितधारक मूल्य में बदलने के लिए अच्छी स्थिति में हैं।”







