नई दिल्ली: भारत की सबसे बड़ी बिजली कंपनी एनटीपीसी लिमिटेड और अफ्रीकी बुनियादी ढांचे में विशेषज्ञ निवेशक अफ्रीका50 ने पूरे अफ्रीका में बिजली उत्पादन परियोजनाओं और सीमा पार बिजली व्यापार के अवसरों की पहचान, आकलन और विकास के लिए एक सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।
यह साझेदारी एनटीपीसी की इंजीनियरिंग और परिचालन क्षमताओं तथा अफ्रीका50 की परियोजना विकास और वित्तपोषण विशेषज्ञता का लाभ उठाएगी। इसका उद्देश्य व्यावसायिक रूप से व्यवहार्य बिजली परियोजनाओं को आगे बढ़ाना, निवेश आकर्षित करना और घरों तथा व्यवसायों के लिए विश्वसनीय बिजली आपूर्ति का विस्तार करना है।
एनटीपीसी परियोजनाओं की व्यवहार्यता का आकलन करने, व्यावहारिक समाधान विकसित करने और चिन्हित अवसरों को क्रियान्वयन की दिशा में आगे बढ़ाने के लिए अपनी व्यापक तकनीकी, इंजीनियरिंग, परियोजना विकास, निर्माण प्रबंधन और परिचालन विशेषज्ञता उपलब्ध कराएगी।
वहीं, अफ्रीका50 अपनी महाद्वीप-व्यापी परियोजना पाइपलाइन और अपने 34 अफ्रीकी देश के शेयरधारकों के माध्यम से सरकारों तथा नियामकों तक अपनी व्यापक पहुंच का लाभ उठाएगी। इसके तहत प्राथमिकता वाली बिजली परियोजनाओं की पहचान करने, उन्हें निवेश के अनुकूल बनाने और परियोजनाओं के पूरे जीवनचक्र में उनकी प्रगति में सहयोग देने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
एनटीपीसी लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक गुरदीप सिंह ने कहा, “हम अफ्रीका के आपसी सहमति वाले देशों में व्यावसायिक रूप से व्यवहार्य बिजली परियोजनाओं के विकास के लिए अफ्रीका50 के साथ काम करने को लेकर उत्साहित हैं। एनटीपीसी के तकनीकी और परिचालन अनुभव को अफ्रीका50 की परियोजना विकास क्षमताओं और पूरे महाद्वीप में उसके संबंधों के साथ जोड़ने से विश्वसनीय बिजली आपूर्ति और क्षेत्रीय बिजली व्यापार को बढ़ावा देने के लिए एक मजबूत आधार तैयार होगा।”
अफ्रीका50 के समूह मुख्य कार्यकारी अधिकारी एलेन एबोबिसे ने कहा, “विश्वसनीय और प्रतिस्पर्धी कीमतों पर बिजली अफ्रीका के औद्योगिक और आर्थिक बदलाव के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। यह साझेदारी निवेश योग्य परियोजनाओं के विकास, जोखिम कम करने और उन्हें पूरा करने की अफ्रीका50 की क्षमता को एनटीपीसी की प्रमाणित तकनीकी विशेषज्ञता के साथ जोड़ती है, ताकि बिजली उत्पादन में निजी निवेश के माध्यम से सार्वजनिक महत्वाकांक्षाओं को साकार किया जा सके। हमारा साझा उद्देश्य क्षेत्रीय बिजली प्रणालियों को मजबूत करना है, जो औद्योगिक विकास को बढ़ावा दें, व्यापार का विस्तार करें और रोजगार के अवसर पैदा करें।”
यह समझौता भारत और अफ्रीका के बीच निवेश साझेदारी को मजबूत करता है तथा पूरे महाद्वीप में आर्थिक विकास को गति देने वाले बिजली बुनियादी ढांचे के विकास में सहयोग प्रदान करता है।







