नई दिल्ली: उपभोक्ता और एमएसएमई वित्त पर केंद्रित, जमा स्वीकार नहीं करने वाली प्रणालीगत रूप से महत्वपूर्ण एनबीएफसी, पूनावाला फिनकॉर्प लिमिटेड ने 30 सितंबर, 2026 को समाप्त तिमाही के लिए अपने अलेखापरीक्षित वित्तीय परिणामों की घोषणा की।
पूनावाला फिनकॉर्प ने 74,008 करोड़ रुपये का प्रबंधनाधीन परिसंपत्ति (एयूएम) दर्ज किया। तिमाही के दौरान परिसंपत्तियों पर रिटर्न (आरओए) बढ़कर 2.18% हो गया, ऋण लागत 21 आधार अंक घटकर 2.19% रही और शुद्ध ब्याज आय (एनआईआई) तिमाही-दर-तिमाही 12.3% बढ़कर 1,589 करोड़ रुपये हो गई।
30 सितंबर, 2026 को समाप्त तिमाही के वित्तीय मुख्य बिंदु:
➢ प्रबंधनाधीन परिसंपत्तियां (एयूएम): 74,008 करोड़ रुपये रहीं।
➢ कर-पश्चात लाभ (पीएटी): वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही (Q2FY27) में 375 करोड़ रुपये रहा, जबकि पहली तिमाही (Q1FY27) में यह 308 करोड़ रुपये था।
➢ शुद्ध ब्याज मार्जिन (एनआईएम): शुल्क और अन्य आय सहित, Q2FY27 में 9.26% रहा, जबकि Q1FY27 में यह 9.10% था। इसमें तिमाही-दर-तिमाही 16 आधार अंकों का सुधार हुआ।
➢ परिसंपत्तियों पर रिटर्न (आरओए): Q2FY27 में 2.18% रहा, जबकि Q1FY27 में 1.98% और Q4FY26 में 1.81% था।
➢ ऋण लागत: औसत एयूएम के प्रतिशत के रूप में ऋण लागत Q2FY27 में 2.19% रही, जबकि Q1FY27 में यह 2.40% थी।
➢ परिसंपत्ति गुणवत्ता: सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्तियां (जीएनपीए) Q2FY27 में 1.20% रहीं, जबकि Q1FY27 में यह 1.37% थीं।
➢ शुद्ध गैर-निष्पादित परिसंपत्तियां (एनएनपीए): Q2FY27 में 0.61% रहीं, जबकि Q1FY27 में यह 0.70% थीं।
➢ शुद्ध ब्याज आय (एनआईआई): शुल्क और अन्य आय सहित, 1,589 करोड़ रुपये रही, जो तिमाही-दर-तिमाही 12.3% की वृद्धि है।
➢ कर-पूर्व परिचालन लाभ (पीपीओपी): 30 सितंबर, 2026 को समाप्त तिमाही में 877 करोड़ रुपये रहा, जो तिमाही-दर-तिमाही 11.8% अधिक है।
➢ सुरक्षित और असुरक्षित ऋण का अनुपात: बहीखातों में दर्ज ऋणों में सुरक्षित और असुरक्षित ऋण का अनुपात 52:48 रहा।
➢ स्टेज-1 परिसंपत्तियां: Q2FY27 में बहीखातों में दर्ज कुल परिसंपत्तियों का 97.9% रहीं, जबकि Q1FY27 में यह अनुपात 97.6% था।
➢ पूंजी पर्याप्तता अनुपात: 30 सितंबर, 2026 तक यह 18.68% रहा, जिसमें टियर-1 पूंजी 17.15% थी। यह 15% की नियामकीय आवश्यकता से काफी अधिक है और कंपनी को विकास के लिए पर्याप्त गुंजाइश प्रदान करता है।
➢ नकदी तरलता बफर: 30 सितंबर, 2026 तक 6,526 करोड़ रुपये रहा।
➢ उधारी की लागत: इस तिमाही में 7.76% रही, जो Q1FY27 की तुलना में 4 आधार अंक अधिक है।
➢ कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) परियोजनाएं: इस तिमाही में 42 नई एआई परियोजनाएं जोड़ी गईं, जिससे अत्याधुनिक एआई परियोजनाओं की कुल संख्या 143 हो गई। इनमें से 84 परियोजनाओं को सफलतापूर्वक लागू किया जा चुका है।
पूनावाला फिनकॉर्प के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी अरविंद कपिल ने कहा, “यह तिमाही हमारे लिए एक निर्णायक बदलाव का संकेत है, क्योंकि इस दौरान हमने अपने प्रदर्शन के चार प्रमुख क्षेत्रों में एक साथ संरचनात्मक सुधार करते हुए अत्यधिक मजबूत और आत्मनिर्भर आय प्रणाली स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति की है। हमने अनुशासित तरीके से एयूएम का विस्तार किया है और शुद्ध ब्याज मार्जिन तथा शुल्क आय के अनुकूलन के माध्यम से कुल आय को बेहतर बनाया है। इससे हमारे मुख्य और नए विकसित कारोबारी क्षेत्रों में मजबूत मूल्य निर्धारण क्षमता प्रदर्शित हुई है।
इसके साथ ही, परिसंपत्ति गुणवत्ता में लगातार सुधार से पहले से ही मजबूत स्तर के मुकाबले ऋण लागत में और कमी आई है, जिससे परिसंपत्तियों पर रिटर्न (आरओए) में संरचनात्मक सुधार हुआ है। तेजी से परिपक्व हो रही हमारी स्वदेशी एआई प्रणाली ने इन सुधारों को गति दी है। प्रदर्शन के विभिन्न क्षेत्रों में हुए ये बुनियादी सुधार हमारे कारोबारी मॉडल की लगातार बढ़ती क्षमता और दीर्घकालिक स्थिरता को और मजबूत करते हैं।”







