नई दिल्ली: भारत की प्रमुख धातु एवं खनिज उत्पादक कंपनी Shyam Metalics & Energy Ltd (SMEL) ने चंद्रपुर में 90 लाख टन क्षमता वाला एकीकृत इस्पात परिसर स्थापित करने के लिए महाराष्ट्र सरकार के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं।
मुंबई में महाराष्ट्र सरकार की ओर से उद्योग, निवेश एवं सेवा विभाग के प्रधान सचिव डॉ. पी. अनबलगन, आईएएस और Shyam Metalics and Energy Ltd के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक बृज भूषण अग्रवाल ने समझौते पर औपचारिक रूप से हस्ताक्षर किए। यह समझौता राज्य के औद्योगिक विस्तार और क्षेत्र में दीर्घकालिक मूल्य सृजन की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
इस परियोजना को अनुमानित 7.50 लाख करोड़ रुपये के निवेश से स्थापित किया जाएगा और यह विदर्भ क्षेत्र के सबसे बड़े एकल औद्योगिक निवेशों में से एक होगा। यह परियोजना विनिर्माण क्षेत्र के विकास को गति देने और भारत की घरेलू इस्पात निर्माण क्षमता का विस्तार करने के राज्य के दृष्टिकोण के अनुरूप भी है।
प्रस्तावित परियोजना के लिए चंद्रपुर जिले को चुना गया है। यह स्थल गढ़चिरौली में लौह अयस्क भंडार, चंद्रपुर के खनन क्षेत्र में कोयला भंडार तथा चूना पत्थर और डोलोमाइट जैसे आवश्यक खनिजों के करीब स्थित है। साथ ही, यहां रेल, सड़क और बिजली का बेहतर बुनियादी ढांचा उपलब्ध है।
ग्रीनफील्ड एकीकृत इस्पात परिसर को दो चरणों में विकसित किया जाएगा:
- चरण-I: 37.5 लाख टन तैयार इस्पात क्षमता
- चरण-II: 52.5 लाख टन अतिरिक्त तैयार इस्पात क्षमता
पूरी तरह एकीकृत ग्रीनफील्ड परिसर के रूप में विकसित की जाने वाली यह सुविधा शुरू से ही स्थापित की जाएगी और एक ही परिसर में इस्पात उत्पादन की पूरी प्रक्रिया संचालित करेगी। संयंत्र में पेलेटाइजेशन, सिंटरिंग और कोक निर्माण के माध्यम से कच्चे माल का ऑनसाइट रूपांतरण किया जाएगा। इसके बाद ब्लास्ट फर्नेस और डायरेक्ट रिड्यूस्ड आयरन (DRI) प्रक्रियाओं के जरिए आयरनमेकिंग, स्टील मेल्टिंग, कंटीन्यूअस कास्टिंग तथा डाउनस्ट्रीम रोलिंग और फिनिशिंग की जाएगी।
यह एंड-टू-एंड संचालन बुनियादी ढांचे, निर्माण, ऑटोमोटिव, रेलवे, नवीकरणीय ऊर्जा, तेल एवं गैस तथा भारी इंजीनियरिंग जैसे प्रमुख क्षेत्रों के लिए उच्च गुणवत्ता वाले मूल्यवर्धित इस्पात का उत्पादन करने के लिए तैयार किया गया है। इन प्रमुख उद्योगों को घरेलू स्तर पर निर्मित इस्पात की आपूर्ति कर यह सुविधा भारत के आत्मनिर्भरता लक्ष्यों को सीधे समर्थन देगी और आयातित इस्पात पर निर्भरता कम करेगी।
निकट भविष्य में यह परिसर क्षेत्र की आर्थिक समृद्धि का एक प्रमुख चालक बनेगा और लगभग 10,000 प्रत्यक्ष नौकरियां तथा 20,000 अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा करेगा। इस बड़े कार्यबल की मांग से पूरे विदर्भ में व्यापक कौशल विकास पहलों को बढ़ावा मिलेगा, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर खुलेंगे और एक व्यापक डाउनस्ट्रीम औद्योगिक इकोसिस्टम को गति मिलेगी। क्षेत्र की सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) इकाइयों, फैब्रिकेशन इकाइयों, इंजीनियरिंग वर्कशॉप तथा परिवहन एवं लॉजिस्टिक्स सेवा प्रदाताओं को संयंत्र की परिचालन जरूरतों से कारोबार में महत्वपूर्ण गति मिलने की उम्मीद है।
साथ ही, इस परियोजना में दीर्घकालिक और ऊर्जा-कुशल संचालन सुनिश्चित करने के लिए उन्नत पर्यावरणीय सुरक्षा उपायों को शामिल किया गया है। संयंत्र में बिजली उत्पादन के लिए वेस्ट हीट रिकवरी सिस्टम, पानी की बचत और ऊर्जा को संरक्षित करने के लिए कोक ड्राई क्वेंचिंग तथा पानी के पूर्ण पुनर्चक्रण और पुन: उपयोग के लिए क्लोज्ड-लूप वाटर ट्रीटमेंट सिस्टम जैसी स्वच्छ प्रौद्योगिकियों को अपनाया जाएगा। अत्याधुनिक प्रदूषण नियंत्रण बुनियादी ढांचे और उच्च दक्षता वाली मशीनरी के साथ Shyam Metalics का लक्ष्य महाराष्ट्र में टिकाऊ इस्पात निर्माण के लिए एक मजबूत मानक स्थापित करना है।







