नई दिल्ली: भारत में हर साल 2 अक्टूबर को महात्मा गांधी की जयंती मनाई जाती है। हालांकि, इस साल देश में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम देखने को मिल रहा है। विपक्षी नेताओं और Gen Z ने चुनाव आयोग (ECI) और भारत सरकार के खिलाफ देशव्यापी विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है। यह विरोध चुनाव आयोग की विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर किया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों का दावा है कि इस प्रक्रिया के कारण लाखों भारतीय चुनावों में अपने मताधिकार से वंचित हो गए हैं।
देशभर में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं, वहीं भारतीय नेताओं के बीच सोशल मीडिया पर बयानबाजी भी तेज हो गई है।
लोगों के विरोध प्रदर्शन करने के अधिकार का उल्लेख करते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “सत्य, अहिंसा और निर्भयता—ये बापू की सबसे बड़ी विरासत हैं। उन्होंने हमें सिखाया कि अन्याय के सामने कभी नहीं झुकना चाहिए। सत्य और अहिंसा के साथ दृढ़ता से खड़े रहना ही वास्तविक शक्ति है।”
देशभर में कई संगठनों द्वारा विरोध प्रदर्शन का आह्वान किए जाने और इनके हिंसक रूप लेने की आशंका के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लिखा, “पूज्य बापू का संपूर्ण जीवन सत्य, अहिंसा, करुणा और सेवा का ऐसा प्रकाशपुंज है, जो हर युग में मानवता का मार्ग प्रशस्त करता रहेगा।”
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव ने महात्मा गांधी के नेतृत्व में हुए जन आंदोलन को याद करते हुए ‘एक्स’ पर लिखा, “राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की जयंती पर उन्हें शत-शत नमन। सत्य और अहिंसा के महान उपासक बापू ने स्वतंत्रता संग्राम को जन आंदोलन का स्वरूप देकर सत्याग्रह के मार्ग से भारत से ब्रिटिश साम्राज्य की जड़ें उखाड़ दीं। उन्होंने अपने जीवन के माध्यम से संपूर्ण मानव जाति को संयम, सादगी और आत्मनियंत्रण का संदेश दिया।”
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने लिखा, “गांधी जयंती पर मैं बापू जी को नमन करती हूं और सत्य, सादगी तथा सेवा के उनके शाश्वत संदेश को याद करती हूं। एक सशक्त भारत की ओर बढ़ने वाला हर कदम गांधी जी के आदर्शों से निर्देशित हो।”
केंद्रीय गृह मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता अमित शाह ने महात्मा गांधी के स्वदेशी आंदोलन को रेखांकित करते हुए लिखा, “महात्मा गांधी जी स्वराज को केवल स्वतंत्रता का लक्ष्य नहीं, बल्कि आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता की नींव मानते थे। इस विश्वास के साथ कि कोई भी राष्ट्र अपनी जड़ों से जुड़े बिना महान नहीं बन सकता, उन्होंने स्वदेशी, अपनी भाषा, अपनी संस्कृति और स्वच्छता को भारतीय समाज के मूल दर्शन के रूप में स्थापित किया। गांधी जी ने अपने जीवन से सिखाया कि जब कर्म में समर्पण और विचारों में पवित्रता हो, तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता। सत्य, अहिंसा और करुणा का संदेश पूरी दुनिया को देने वाले महात्मा गांधी जी की जयंती पर उन्हें नमन।”
आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने अन्याय के खिलाफ एकजुटता के बापू के विचार को रेखांकित किया। उन्होंने लिखा, “बापू ने पूरे देश को सिखाया कि सत्य और अहिंसा सबसे बड़ी शक्तियां हैं। अन्याय के खिलाफ एकजुटता सबसे बड़ा हथियार है। बड़ी से बड़ी चुनौतियों का सामना करने के लिए साहस और सत्याग्रह आपके साथी हैं।”
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने महात्मा गांधी का एक कथन साझा किया, “पहले वे आपको नजरअंदाज करेंगे, फिर आप पर हंसेंगे, फिर आपसे लड़ेंगे और अंत में आपकी जीत होगी।”
उन्होंने आगे लिखा, “सत्य को शक्ति, अहिंसा को साहस देने वाले और सत्याग्रह को अन्याय के खिलाफ सबसे शक्तिशाली हथियार बनाने वाले राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने न केवल भारत के स्वतंत्रता संग्राम का मार्गदर्शन किया, बल्कि पूरी दुनिया को मानवता, करुणा और शांति का रास्ता भी दिखाया। आज, जब उनके विचारों और मूल्यों के सामने नई चुनौतियां खड़ी हैं, तब बापू के सत्य, अहिंसा, सद्भाव और न्याय के सिद्धांतों पर अडिग रहना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है। गांधी जयंती पर बापू को विनम्र नमन और सभी देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं।”
द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के अध्यक्ष एम.के. स्टालिन ने लिखा, “उन्होंने समाज के साथ लगातार संवाद बनाए रखा। उन्होंने अपने विचारों और स्वयं को निरंतर बदलाव और विकास की प्रक्रिया से गुजरने दिया। इसके बावजूद, वे सत्य के प्रति प्रतिबद्ध रहे।”







