नई दिल्ली: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की उभरती दुनिया और इससे जुड़े बढ़ते जोखिमों के बीच अमेरिका और चीन ने एआई से संबंधित घटनाओं के लिए द्विपक्षीय संचार चैनल स्थापित करने पर सहमति जताई है। चीन-अमेरिका एआई संवाद की स्थापना के माध्यम से एआई से जुड़े जोखिमों और लाभों पर विचारों का आदान-प्रदान किया जाएगा।
यह निर्णय चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की 23 से 25 सितंबर तक अमेरिका की यात्रा के बाद लिया गया है। यात्रा के दौरान दोनों देशों के राष्ट्राध्यक्षों ने रणनीतिक स्थिरता वाले रचनात्मक चीन-अमेरिका संबंधों तथा प्रमुख अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर गहन चर्चा की और आठ परिणामों एवं समझों पर सहमति बनी।
एक संयुक्त बयान में दोनों देशों ने सहमति जताई कि ईरान को परमाणु हथियार विकसित नहीं करने की अपनी प्रतिबद्धता का पालन करना चाहिए और किसी भी देश या संस्था को अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों पर शुल्क लगाने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
संयुक्त बयान के अनुसार, “दोनों देशों के राष्ट्राध्यक्ष चीन-अमेरिका आर्थिक और व्यापार परामर्श तंत्र की सकारात्मक भूमिका को स्वीकार करते हैं और दोनों आर्थिक एवं व्यापार टीमों के बीच हुई वार्ता के परिणामों का समर्थन करते हैं। इनमें व्यापार बोर्ड और अन्य तंत्रों की स्थापना एवं उन्हें आगे बढ़ाना, 30 अरब अमेरिकी डॉलर की पारस्परिक टैरिफ कटौती की व्यवस्था पर पहुंचना तथा कुआलालंपुर में हुई आर्थिक एवं व्यापार वार्ता के परिणामों का विस्तार शामिल है। दोनों पक्ष इनका क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए निर्देश देते हैं।”
बयान में आगे कहा गया, “दोनों पक्षों ने उल्लेख किया कि चीन और अमेरिका की मादक पदार्थ विरोधी तथा कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच सहयोग से स्पष्ट परिणाम सामने आए हैं। हाल में दोनों पक्षों ने करीबी सहयोग करते हुए न्यू साइकोएक्टिव सब्सटेंसेज (एनपीएस) और प्रीकर्सर रसायनों से जुड़े कई मामलों का संयुक्त रूप से पर्दाफाश किया है तथा दोनों देशों में इससे संबंधित दर्जनों आपराधिक संदिग्धों को गिरफ्तार किया है।”







