नई दिल्ली: प्रीमियर एनर्जीज लिमिटेड ने आंध्र प्रदेश के नायडुपेटा में अपनी 7 GW क्षमता वाली N-type TOPCon G12R सोलर सेल निर्माण इकाई का कमिशनिंग पूरा कर ट्रायल रन शुरू कर दिया है। इसके साथ कंपनी की कुल सोलर सेल निर्माण क्षमता बढ़कर 10.6 GW हो गई है और प्रीमियर एनर्जीज भारत की सबसे बड़ी सोलर सेल निर्माता कंपनी बन गई है। 101 एकड़ में फैली इस इकाई को ₹3,293 करोड़ के पूंजीगत व्यय से विकसित किया गया है और यह भारत की सबसे बड़ी सोलर सेल निर्माण इकाई है।
प्रीमियर एनर्जीज लिमिटेड के प्रबंध निदेशक चिरंजीव सालुजा ने कहा, “भारत की सबसे बड़ी सोलर सेल निर्माण इकाई को समय पर और बजट के भीतर कमिशन करना प्रीमियर एनर्जीज के लिए एक महत्वपूर्ण क्रियान्वयन उपलब्धि है। हम ऑर्डर, कीमतों और उच्च-दक्षता वाले सोलर उत्पादों की मांग के परिदृश्य को लेकर सकारात्मक हैं। ऐसे में 7 GW क्षमता का यह विस्तार महत्वपूर्ण है। जैसे-जैसे उत्पादन लाइन स्थिर होगी और उत्पादन बढ़ेगा, यह हमें अधिक आपूर्ति विश्वसनीयता और परिचालन दक्षता के साथ बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए आवश्यक पैमाना प्रदान करेगा। इंगट्स और वेफर्स में हमारी प्रस्तावित बैकवर्ड इंटीग्रेशन के साथ यह भारत के स्वच्छ ऊर्जा बदलाव को समर्थन देते हुए पूरी तरह एकीकृत और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी सोलर मैन्युफैक्चरिंग प्लेटफॉर्म बनाने की हमारी रणनीति को और मजबूत करता है।”
उच्च उत्पादन क्षमता और डिजिटल तकनीक से लैस इस इकाई में प्रति घंटे लगभग 88,000 सोलर सेल का उत्पादन किया जा सकता है। उन्नत डिजिटल सिस्टम और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित तकनीक प्रेडिक्टिव परफॉर्मेंस एनालिसिस, बेहतर प्रक्रिया नियंत्रण और सटीक निर्माण में सहायता करती हैं। वहीं, पूरी तरह स्वचालित परिवहन, पैकिंग और पैकेजिंग सिस्टम उत्पादन क्षमता, गुणवत्ता में एकरूपता और परिचालन दक्षता को बेहतर बनाते हैं।
इस इकाई के कमिशनिंग से प्रीमियर एनर्जीज की विनिर्माण क्षमता में उल्लेखनीय विस्तार हुआ है। इसके साथ कंपनी भारत की सबसे बड़ी सोलर सेल निर्माता के रूप में अपनी स्थिति मजबूत करने के साथ घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में उच्च-दक्षता वाले सोलर उत्पादों की बढ़ती मांग को पूरा करने में सक्षम होगी।
प्रीमियर एनर्जीज लिमिटेड के निदेशक एवं चीफ स्ट्रैटेजी ऑफिसर सुधीर रेड्डी ने कहा, “नायडुपेटा संयंत्र हमारी एकीकृत विनिर्माण रोडमैप की दिशा में एक बड़ा कदम है। बड़े पैमाने, ऑटोमेशन और उन्नत सेल तकनीक का संयोजन विनिर्माण प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने, सप्लाई चेन की मजबूती को बेहतर करने और भारत तथा अंतरराष्ट्रीय बाजारों में उच्च-दक्षता वाले सोलर उत्पादों की मांग को पूरा करने के लिए प्रीमियर एनर्जीज की क्षमता को मजबूत करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।”
7 GW क्षमता वाला यह संयंत्र भविष्य की तकनीकों के लिए तैयार किया गया है। इसमें अगली पीढ़ी की TOPCon+ तकनीकों को अपनाने की संभावनाएं हैं, जिनमें पॉली-फिंगर मेटलाइजेशन और उन्नत एज-आइसोलेशन प्रक्रियाएं शामिल हैं। उत्पादन स्थिर होने और क्षमता बढ़ने के बाद संयंत्र में औसत सोलर सेल दक्षता लगभग 25.8% तक पहुंचाने का लक्ष्य है।
जल के पुनर्चक्रण और पुन: उपयोग को अधिकतम करने के लिए संयंत्र में Zero Liquid Discharge (ZLD) सिस्टम तैयार किया गया है। इससे जिम्मेदार संसाधन प्रबंधन और टिकाऊ विनिर्माण के प्रति प्रीमियर एनर्जीज की प्रतिबद्धता को मजबूती मिलती है।







