New Delhi: भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा वन (संरक्षण एवं संवर्धन) नियम, 2023 के नियम 6 के उप-नियम (1) एवं (2) के तहत देशभर में स्थित 11क्षेत्रीय कार्यालयों के लिए क्षेत्रीय सशक्त समितियों का गठन किया गया है। इन समितियों का उद्देश्य वन (संरक्षण एवं संवर्धन) नियम, 2023 के अंतर्गत प्राप्त प्रस्तावों के मूल्यांकन की विकेंद्रीकृत व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाना है। इन क्षेत्रीय सशक्त समितियों के माध्यम से संबंधित क्षेत्रों में वन संबंधी प्रस्तावों का पारदर्शी, वैज्ञानिक और समयबद्ध परीक्षण सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे प्रभावी वन प्रशासन एवं सतत विकास को बढ़ावा मिलेगा।
मंत्रालय के चंडीगढ़ स्थित क्षेत्रीय कार्यालय के लिए हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय (हकेवि), महेंद्रगढ़ की पर्यावरण संरक्षण शोध पीठ की अध्यक्ष प्रो. मोना शर्मा को क्षेत्रीय सशक्त समिति की विशेषज्ञ सदस्य नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति पर्यावरण एवं प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट शैक्षणिक योगदान, शोध अनुभव और विशेषज्ञता को दर्शाता है।
हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. टंकेशवर कुमार ने प्रो. मोना शर्मा को बधाई देते हुए उनकी नियुक्ति पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इससे हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय के पर्यावरण संरक्षण के लिए किए जा रहे कार्य देशभर में स्थापित होंगे। हकेवि के समकुलपति प्रो. पवन कुमार शर्मा ने प्रो. मोना शर्मा को बधाई देते हुए कहा कि यह सम्मान पर्यावरणीय स्थिरता के क्षेत्र में विश्वविद्यालय के बढ़ते योगदान को प्रदर्शित करता है।
प्रो. मोना शर्मा ने पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा उन पर व्यक्त किए गए विश्वास के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वे वन (संरक्षण एवं संवर्धन) नियम, 2023 के प्रावधानों के अनुरूप समिति की कार्यवाही में सक्रिय योगदान देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि उनका प्रयास संतुलित, वैज्ञानिक दृष्टिकोण पर आधारित और सतत वन प्रबंधन को बढ़ावा देने की दिशा में रहेगा।







