मुंबई: टाटा कैपिटल लिमिटेड (TCL) ने सोमवार को घोषणा की कि उसके निदेशक मंडल ने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के साथ पंजीकृत गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (NBFC) योगक्षेमम लोन्स लिमिटेड (योगलोन्स) के प्रस्तावित अधिग्रहण को मंजूरी दे दी है। योगलोन्स मुख्य रूप से गोल्ड लोन कारोबार पर केंद्रित है।
इस अधिग्रहण के साथ टाटा कैपिटल गोल्ड लोन कारोबार में प्रवेश करेगा। यह सुरक्षित ऋण (सिक्योर्ड लेंडिंग) का ऐसा क्षेत्र है, जिसमें उल्लेखनीय वृद्धि की संभावनाएं हैं। यह अधिग्रहण टाटा कैपिटल की विविधीकृत रिटेल लेंडिंग व्यवसाय विकसित करने की रणनीति के अनुरूप है और कंपनी को एक स्थापित मंच तक पहुंच प्रदान करेगा।
योगलोन्स केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में 162 शाखाओं के नेटवर्क के माध्यम से संचालित होता है। 31 मार्च 2026 तक कंपनी की प्रबंधनाधीन परिसंपत्तियां (AUM) 708 करोड़ रुपये थीं। कंपनी लगभग 32,000 गोल्ड लोन ग्राहकों को सेवाएं प्रदान करती है और पिछले एक दशक से अधिक समय में गोल्ड लोन कारोबार में ऋण उपलब्ध कराने, अंडरराइटिंग और ग्राहक सेवा की मजबूत क्षमता विकसित कर चुकी है। कंपनी का नेतृत्व उद्योग के अनुभवी विशेषज्ञ उन्नीकृष्णन इडिचार्म वीटिल कर रहे हैं। अधिग्रहण के बाद भी उन्नीकृष्णन योगलोन्स का नेतृत्व जारी रखेंगे, जिससे ग्राहकों, कर्मचारियों और व्यावसायिक साझेदारों के लिए निरंतरता बनी रहेगी।
प्रस्तावित पूर्ण नकद (ऑल-कैश) सौदे के तहत टाटा कैपिटल, पूंजी निवेश और मौजूदा शेयरधारकों से शेयर खरीद के संयोजन के माध्यम से योगलोन्स में बहुलांश हिस्सेदारी हासिल करेगा। यह सौदा योगलोन्स के 318 करोड़ रुपये से अधिक नहीं के प्री-मनी इक्विटी मूल्यांकन पर आधारित है, जिसमें प्रचलित समायोजन लागू होंगे। इसके तहत कंपनी की विकास योजनाओं के समर्थन के लिए लगभग 93 करोड़ रुपये की प्राथमिक पूंजी भी निवेश की जाएगी। लेनदेन पूरा होने के बाद टाटा कैपिटल के पास योगलोन्स की जारी और चुकता शेयर पूंजी (पूर्ण रूप से डायल्यूटेड आधार पर) का लगभग 88.6 प्रतिशत हिस्सा होगा।
टाटा कैपिटल ने कहा कि आवश्यक अनुमतियां प्राप्त होने के बाद उपयुक्त समय पर वह योगलोन्स का समेकन (कंसोलिडेशन) करने का इरादा रखता है। प्रस्तावित लेनदेन नियामकीय मंजूरियों और अन्य निर्धारित शर्तों के पूरा होने पर निर्भर करेगा।
टाटा कैपिटल के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) राजीव सभरवाल ने कहा, **”यह सौदा टाटा कैपिटल के लिए गोल्ड लोन कारोबार में प्रवेश का महत्वपूर्ण कदम है। इससे हमारे रिटेल लेंडिंग पोर्टफोलियो में उच्च वृद्धि क्षमता वाला एक सुरक्षित ऋण उत्पाद शामिल होगा और विविधीकृत लेंडिंग फ्रेंचाइजी विकसित करने की हमारी रणनीति को मजबूती मिलेगी। उन्नीकृष्णन और उनकी टीम के नेतृत्व में योगलोन्स ने पिछले एक दशक से अधिक समय में मजबूत कारोबार खड़ा किया है। हमें विश्वास है कि योगलोन्स की बाजार विशेषज्ञता और टाटा कैपिटल के विश्वसनीय ब्रांड, पूंजी क्षमता, प्रौद्योगिकी तथा जोखिम प्रबंधन क्षमताओं का संयोजन विकास को गति देगा और ग्राहकों को बेहतर अनुभव प्रदान करेगा।”







