नई दिल्ली: प्रिसिजन ऑन्कोलॉजी क्षेत्र की अग्रणी कंपनी ज़ायडस लाइफसाइंसेज लिमिटेड (ज़ायडस) ने भारत में शील्ड मल्टी-कैंसर डिटेक्शन (एमसीडी) टेस्ट उपलब्ध कराने के लिए अपोलो हॉस्पिटल्स के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।
शील्ड एमसीडी टेस्ट एक मिथाइलेशन-आधारित ब्लड टेस्ट है, जिसे 45 वर्ष या उससे अधिक आयु के ऐसे लोगों में कई प्रकार के कैंसर का पता लगाने के लिए विकसित किया गया है, जिनमें कैंसर का सामान्य औसत जोखिम होता है। यह टेस्ट मूत्राशय, कोलोरेक्टल, स्तन, प्रोस्टेट, इसोफेगल, गैस्ट्रिक, लिवर, फेफड़े, अंडाशय और अग्न्याशय सहित 10 सामान्य कैंसर की जांच केवल एक ब्लड सैंपल के माध्यम से करता है। इनमें से कई कैंसर भारत में उच्च मृत्यु दर से जुड़े हैं। इस टेस्ट को अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन (यूएस एफडीए) द्वारा ब्रेकथ्रू डिवाइस डिज़िग्नेशन प्रदान किया गया है, जो मौजूदा विकल्पों की तुलना में कैंसर स्क्रीनिंग के लिए इसकी संभावित प्रभावशीलता को मान्यता देता है।
इस साझेदारी पर अपोलो हॉस्पिटल्स ग्रुप के चेयरमैन डॉ. प्रताप सी. रेड्डी ने कहा, “अपोलो में हमारा हमेशा से मानना रहा है कि सबसे प्रभावी स्वास्थ्य सेवा सक्रिय स्वास्थ्य सेवा है। चिकित्सा का भविष्य केवल बीमारी के इलाज में नहीं, बल्कि उसकी रोकथाम और शुरुआती चरण में पहचान में निहित है। कैंसर दुनिया भर के समाजों के सामने सबसे बड़ी स्वास्थ्य चुनौतियों में से एक बना हुआ है और समय पर तथा विश्वसनीय स्क्रीनिंग तक पहुंच का विस्तार इसके प्रभाव को कम करने के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। ज़ायडस लाइफसाइंसेज के साथ हमारी साझेदारी भारत के लोगों के लिए सुलभ और मरीज-अनुकूल कैंसर स्क्रीनिंग समाधान उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। नवाचार, वैज्ञानिक उत्कृष्टता और बेहतर स्वास्थ्य परिणामों के साझा संकल्प के साथ हम लोगों को अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बना सकते हैं, कैंसर की जल्द पहचान सुनिश्चित कर सकते हैं और सफल उपचार की संभावनाओं को काफी बढ़ा सकते हैं। साथ मिलकर हम ऐसे भविष्य की ओर एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ा रहे हैं, जहां शुरुआती पहचान और समय पर हस्तक्षेप के जरिए अधिक लोगों की जान बचाई जा सके।”
ज़ायडस लाइफसाइंसेज लिमिटेड के प्रबंध निदेशक डॉ. शरविल पटेल ने कहा, “भारत की अग्रणी ऑन्कोलॉजी कंपनी के रूप में हम कैंसर देखभाल में डायग्नोस्टिक्स की भूमिका को नए सिरे से परिभाषित कर रहे हैं। हमें अपोलो हॉस्पिटल्स और गार्डेंट हेल्थ के साथ साझेदारी कर भारत में शील्ड एमसीडी टेस्ट पेश करते हुए खुशी हो रही है। यह अभिनव स्क्रीनिंग तकनीक मौजूदा स्क्रीनिंग व्यवस्था का पूरक है और इसकी पहुंच का विस्तार करेगी। जागरूकता अभियानों के माध्यम से हम समय पर स्क्रीनिंग और सक्रिय स्वास्थ्य देखभाल को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। प्रिसिजन डायग्नोस्टिक्स तक पहुंच बढ़ाकर हम मरीजों की देखभाल में नई संभावनाओं को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
गार्डेंट हेल्थ एएमईए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सिमरनजीत सिंह ने कहा, “हमें अपोलो कैंसर सेंटर्स और अपने लंबे समय से व्यावसायिक साझेदार ज़ायडस लाइफसाइंसेज के माध्यम से भारत में शील्ड मल्टी-कैंसर डिटेक्शन (एमसीडी) टेस्ट उपलब्ध कराते हुए खुशी हो रही है। कैंसर की शुरुआती पहचान से उपचार के परिणामों में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है। शील्ड एमसीडी एक ही ब्लड सैंपल के जरिए कैंसर से जुड़े संकेतों की पहचान करने में महत्वपूर्ण प्रगति का प्रतिनिधित्व करता है। साथ मिलकर हम अभिनव स्क्रीनिंग तकनीकों की पहुंच का विस्तार कर रहे हैं, जिससे शुरुआती क्लीनिकल मूल्यांकन को समर्थन मिलेगा और भारत में कैंसर देखभाल के भविष्य को नई दिशा मिलेगी।”
भारत में गैर-संचारी रोगों से होने वाली कुल मौतों में कैंसर की हिस्सेदारी लगभग 9 प्रतिशत है। वर्ष 2022 में देश में 14.1 लाख से अधिक लोगों में कैंसर का निदान हुआ, जबकि 9 लाख से अधिक लोगों की मौत इस बीमारी से हुई। महिलाओं में स्तन कैंसर कैंसर से होने वाली मौतों का प्रमुख कारण है, जबकि पुरुषों में मुख कैंसर सबसे अधिक पाया जाने वाला कैंसर है। हालांकि, भारत में कैंसर स्क्रीनिंग की दर अभी भी कम है और विभिन्न राज्यों के बीच इसमें व्यापक असमानता देखने को मिलती है। दक्षिणी और पश्चिमी क्षेत्रों में कैंसर स्क्रीनिंग का कवरेज सबसे अधिक है, जबकि उत्तरी, मध्य और पूर्वोत्तर क्षेत्रों में यह अपेक्षाकृत कम है।







