New Delhi: भारत के कोयला क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज करते हुए बीसीसीएल ने आज अपनी 2.0 मिलियन टन प्रतिवर्ष (एमटीपीए) क्षमता वाली दुग्दा कोल वाशरी का औपचारिक स्थल हस्तांतरण (साइट हैंडओवर) जेएसडब्ल्यू स्टील लिमिटेड को किया। कोयला भवन मुख्यालय में आयोजित इस अवसर पर सीएमडी बीसीसीएल, श्री मनोज कुमार अग्रवाल, कार्यकारी निदेशकगण तथा जेएसडब्ल्यू स्टील एवं जेएसडब्ल्यू एनर्जी के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
कोयला मंत्रालय के मार्गदर्शन में संपन्न दुगदा कोल वाशरी का यह परिसंपत्ति मुद्रीकरण (एसेट मॉनेटाइजेशन) देश की पहली कोल वाशरी मॉनेटाइजेशन पहल है। यह परियोजना निजी क्षेत्र की सहभागिता के माध्यम से कोयला क्षेत्र की परिसंपत्तियों के आधुनिकीकरण, परिचालन दक्षता में वृद्धि तथा संसाधनों के अधिक प्रभावी एवं इष्टतम उपयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
इस पहल से कोयला परिशोधन (कोल बेनिफिसिएशन) क्षमता में वृद्धि, घरेलू कोकिंग कोल के बेहतर उपयोग को प्रोत्साहन तथा उच्च गुणवत्ता वाले धुले हुए कोकिंग कोल (वॉश्ड कोकिंग कोल) की उपलब्धता बढ़ने की अपेक्षा है। साथ ही, यह परियोजना भारत सरकार के ‘मिशन कोकिंग कोल’ के उद्देश्यों को आगे बढ़ाते हुए आयातित कोकिंग कोल पर निर्भरता कम करने तथा विदेशी मुद्रा की बचत सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण योगदान देगी।
परियोजना में जेएसडब्ल्यू की भागीदारी से कोयला आपूर्ति श्रृंखला की दक्षता में सुधार, सतत एवं आधुनिक कोयला प्रसंस्करण को बढ़ावा, रोजगार के नए अवसरों का सृजन तथा झारखंड एवं आसपास के क्षेत्रों में औद्योगिक विकास को नई गति मिलने की अपेक्षा है। यह पहल आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना को साकार करने के साथ-साथ देश के आत्मनिर्भर एवं सुदृढ़ कोयला क्षेत्र के निर्माण की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।







