कंपनी के अनुसार, यह उपलब्धि किलबर्न के कैसाले के योग्य आपूर्तिकर्ता नेटवर्क में प्रवेश का प्रतीक है। यह उर्वरक उद्योग के लिए ड्रायर्स, ग्रैनुलेटर्स, कोटर्स और कूलर्स के क्षेत्र में कंपनी द्वारा विकसित तकनीकी क्षमता और निष्पादन रिकॉर्ड को दर्शाता है।
किलबर्न इंजीनियरिंग लिमिटेड के चेयरमैन अमृतांशु खेतान ने कहा कि कैसाले से प्राप्त ऑर्डर उर्वरक उद्योग के लिए प्रोसेस उपकरणों में कंपनी द्वारा स्थापित मानकों की पुष्टि करते हैं। उन्होंने कहा कि पिछले एक वर्ष में कंपनी को कोरोमंडल, आरसीएफ, फैक्ट, हिंदुस्तान जिंक, टेक्निमोंट और अब कैसाले से ऑर्डर प्राप्त हुए हैं, जिनमें घरेलू प्रमुख कंपनियां, वैश्विक ईपीसी ठेकेदार और प्रौद्योगिकी लाइसेंसर शामिल हैं। उनके अनुसार, पूछताछ की पाइपलाइन मजबूत बनी हुई है और कंपनी इस गति को आगे बढ़ाने की अच्छी स्थिति में है।
कैसाले के ऑर्डर ऐसे समय में मिले हैं जब पिछले 12 महीनों के दौरान कंपनी को घरेलू उर्वरक क्षेत्र से भी कई ऑर्डर प्राप्त हुए हैं। किलबर्न ने कोरोमंडल इंटरनेशनल, राष्ट्रीय केमिकल्स एंड फर्टिलाइजर्स (आरसीएफ), फर्टिलाइजर्स एंड केमिकल्स ट्रावणकोर (फैक्ट) और हिंदुस्तान जिंक को ड्रायर्स, ग्रैनुलेटर्स, कोटर्स और कूलर्स की आपूर्ति की है। इन घरेलू ऑर्डरों का कुल मूल्य लगभग ₹100 करोड़ रहा है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कंपनी को इटली की ईपीसी ठेकेदार टेक्निमोंट से एक निर्यात ऑर्डर भी मिला है। इससे पहले कंपनी ने जेसा के माध्यम से मोरक्को की ओसीपी परियोजना के लिए उपकरणों की आपूर्ति की थी, जो वर्तमान में वैश्विक स्तर पर चल रहे सबसे बड़े उर्वरक निवेशों में से एक है। कंपनी के अनुसार, इन परियोजनाओं के माध्यम से उसने वैश्विक ग्राहकों के कठोर योग्यता मानकों को पूरा करने की क्षमता प्रदर्शित की है।
रोटरी ड्रायर्स, ग्रैनुलेटर्स, कोटर्स, फ्लूइड बेड कूलर्स और संबंधित थर्मल प्रोसेसिंग उपकरण किलबर्न के प्रमुख उत्पाद पोर्टफोलियो का हिस्सा हैं। कंपनी वर्तमान में घरेलू और निर्यात दोनों बाजारों में उर्वरक क्षेत्र से प्राप्त हो रही मजबूत पूछताछ पर कार्य कर रही है।







