अहमदाबाद: भारत की सबसे बड़ी एकीकृत परिवहन कंपनी अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन लिमिटेड (एपीएसईज़ेड) ने अपने बंदरगाहों और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क में अगली पीढ़ी की क्षमताओं को विकसित करने के लिए कैलेरिस के साथ अपनी रणनीतिक साझेदारी का विस्तार किया है। यह साझेदारी कंपनी के 2030 तक के व्यापक लक्ष्यों का हिस्सा है, जिसके तहत डीकार्बोनाइजेशन, प्रौद्योगिकी उन्नयन और प्रतिवर्ष एक अरब टन कार्गो हैंडलिंग क्षमता विकसित करने के लिए 85 करोड़ अमेरिकी डॉलर के निवेश की योजना है।
बहुवर्षीय समझौते के तहत कैलेरिस अपने मूल टर्मिनल ऑपरेटिंग सिस्टम तथा एआई-संवर्धित उन्नत कंटेनर हैंडलिंग और अनुकूलन समाधान एपीएसईज़ेड के 15 कंटेनर टर्मिनलों में तैनात करेगी। ये टर्मिनल भारत और विदेशों के कुल नौ बंदरगाहों में स्थित हैं। छह बंदरगाहों में पहले चरण की तैनाती के बाद अब एपीएसईज़ेड अपने समुद्री और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क में उन्नत संचालन, योजना, अनुकूलन और स्वचालन क्षमताओं का विस्तार करेगा, जिससे दक्षता, एकरूपता और एंड-टू-एंड दृश्यता बढ़ाने के लिए एकीकृत डिजिटल ढांचा तैयार होगा।
कंपनी के अनुसार, कैलेरिस के एडवांस्ड ऑप्टिमाइजेशन समाधान से परिचालन दक्षता में उल्लेखनीय सुधार होने की उम्मीद है। इसके तहत रबर टायर्ड गैन्ट्री (आरटीजी) क्रेन उत्पादकता में 20 प्रतिशत तक और टर्मिनल ट्रक उत्पादकता में 14 प्रतिशत तक सुधार संभव है। यह एपीएसईज़ेड की प्रौद्योगिकी-आधारित एकीकृत परिवहन मंच विकसित करने और दीर्घकालिक विकास के लिए कुशल विस्तार की रणनीति को मजबूती देगा।
एपीएसईज़ेड के पूर्णकालिक निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी अश्विनी गुप्ता ने कहा कि एआई-सक्षम स्वचालन बंदरगाह और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा का अगला चरण निर्धारित करेगा। उन्होंने कहा कि एपीएसईज़ेड पहले ही तट से गंतव्य तक एंड-टू-एंड डिजिटल प्लेटफॉर्म लागू कर चुका है, जो निर्बाध ट्रैक-एंड-ट्रेस तथा एकीकृत कमांड एवं कंट्रोल क्षमताएं प्रदान करता है। कैलेरिस का एकीकरण उत्पादकता बढ़ाने, टर्नअराउंड समय कम करने और ग्राहकों को बेहतर अनुभव प्रदान करने में मदद करेगा।
कैलेरिस के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी किर्क कनॉफ ने कहा कि एपीएसईज़ेड बड़े पैमाने पर एआई-सक्षम बंदरगाह नेटवर्क के वास्तविक प्रभाव को प्रदर्शित कर रहा है। उन्होंने कहा कि सभी 15 टर्मिनलों तक विस्तार पहले से प्राप्त परिणामों और इस साझेदारी में मौजूद विश्वास को दर्शाता है।
कंपनी के अनुसार, कार्गो मात्रा बढ़ने और आपूर्ति श्रृंखलाओं के अधिक जटिल होने के साथ एपीएसईज़ेड कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी), कंप्यूटर विज़न और उन्नत अनुकूलन उपकरणों में निवेश कर रहा है। इसका उद्देश्य वास्तविक समय की दृश्यता, संसाधनों का बेहतर आवंटन और तेज निर्णय-प्रक्रिया सुनिश्चित करना है। इस तैनाती के तहत कैलेरिस का एन4 टर्मिनल ऑपरेटिंग सिस्टम (टीओएस) एपीएसईज़ेड के पूरे नेटवर्क में विस्तारित किया जाएगा, जिससे यार्ड उपयोग, पोतों के टर्नअराउंड समय, योजना की सटीकता और कार्गो परिवहन की विश्वसनीयता में सुधार होगा।
एपीएसईज़ेड ने वर्ष 2030 तक प्रतिवर्ष एक अरब टन कार्गो हैंडलिंग का लक्ष्य निर्धारित किया है। कंपनी के अनुसार, पहले 100 मिलियन मीट्रिक टन (एमएमटी) कार्गो तक पहुंचने में एक दशक से अधिक समय लगा था, जबकि इसके बाद के प्रत्येक मील के पत्थर को अधिक तेज गति से हासिल किया गया है। यह उपलब्धि बंदरगाहों, रेल, सड़कों, ट्रकिंग, गोदामों और कार्गो गेटवे को जोड़ने वाले एकीकृत परिवहन और लॉजिस्टिक्स प्लेटफॉर्म के विस्तार के साथ संभव हुई है।







