New Delhi: हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय (हकेवि), महेंद्रगढ़ के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग ने विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस 2026 के उपलक्ष्य में ‘वॉयसेज़ ऑफ डेमोक्रेसीः प्रेस फ्रीडम, एथिकल जर्नलिज़्म एंड मीडिया अकाउंटेबिलिटी इन द डिजिटल एराः विषय पर ऑनलाइन संगोष्ठी का आयोजन किया। आयोजन में विभाग के शिक्षकों, विद्यार्थियों व शोधार्थियों ने हिस्सा लिया तथा समकालीन मीडिया परिदृश्य से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श किया। कार्यक्रम का आयोजन विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. टंकेशवर कुमार एवं समकुलपति प्रो. पवन शर्मा के संरक्षण में किया।
कार्यक्रम की शुरुआत में पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग की विभागाध्यक्ष व आयोजन की संयोजक डॉ. अमिता ने स्वागत भाषण में लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा में प्रेस स्वतंत्रता, नैतिक पत्रकारिता तथा मीडिया जवाबदेही के महत्व पर प्रकाश डाला।

कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में जामिया मिल्लिया इस्लामिया, नई दिल्ली के ए.जे.के. मास कम्युनिकेशन रिसर्च सेंटर के प्रो. कृष्णा शंकर कुसुमा ने मीडिया कानूनों के विकास, उनके क्रियान्वयन तथा समकालीन चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने पत्रकारिता में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के बढ़ते उपयोग, तथ्य-जांच, डेटा विश्लेषण, अनुवाद तथा शोध में इसकी भूमिका पर प्रकाश डाला। साथ ही उन्होंने डीपफेक, दुष्प्रचार और एल्गोरिथ्मिक पक्षपात जैसी चुनौतियों के प्रति सावधान रहने की आवश्यकता बताई।
आयोजन में दूसरे वक्ता भारतीय जनसंचार संस्थान (आईआईएमसी), ढेंकानाल के क्षेत्रीय निदेशक प्रो. आनंद प्रधान ने लोकतंत्र और पत्रकारिता के पारस्परिक संबंधों पर विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए स्वतंत्र, विविधतापूर्ण और उत्तरदायी पत्रकारिता आवश्यक है। उन्होंने सोशल मीडिया एल्गोरिथ्म, फ़िल्टर बबल्स तथा डिजिटल युग में समाचारों की विश्वसनीयता से जुड़ी चुनौतियों पर भी चर्चा की।

संगोष्ठी के दौरान आयोजित संवादात्मक सत्र में विद्यार्थियों और प्रतिभागियों ने मीडिया नैतिकता, पत्रकारिता की चुनौतियों, मीडिया कानूनों तथा डिजिटल युग में पत्रकारिता के भविष्य से संबंधित प्रश्न पूछे। विशेषज्ञों ने उनके प्रश्नों के उत्तर देते हुए सत्यापन, निष्पक्षता और पेशेवर मूल्यों को बनाए रखने पर बल दिया। कार्यक्रम का संचालन विभाग के छात्र प्रीतम ने किया। कार्यक्रम का समापन पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के सहायक आचार्य डॉ. अलेखा सचिदानंद द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।







