मुंबई: भारत के अग्रणी कमोडिटी डेरिवेटिव्स एक्सचेंज Multi Commodity Exchange (MCX) ने वित्त वर्ष 2025-26 के अपने वित्तीय परिणामों की घोषणा की। एमसीएक्स के निदेशक मंडल ने शुक्रवार, 08 मई 2026 को आयोजित बैठक में 31 मार्च 2026 को समाप्त तिमाही और पूरे वित्त वर्ष के लिए कंपनी के ऑडिटेड वित्तीय परिणामों को मंजूरी दी। बोर्ड ने आगामी एजीएम में शेयरधारकों की मंजूरी के अधीन 2 रुपये फेस वैल्यू वाले प्रति शेयर पर 8 रुपये के अंतिम डिविडेंड की सिफारिश की।
प्रदर्शन की प्रमुख झलकियां – Q4FY26 (कंसोलिडेटेड परिणाम)
➢ परिचालन से राजस्व 889 करोड़ रुपये रहा, जो Q4FY25 की तुलना में लगभग 205% की वृद्धि दर्शाता है।
➢ EBITDA लगभग 271% बढ़कर 703 करोड़ रुपये पहुंच गया।
➢ कर पश्चात लाभ (PAT) 530 करोड़ रुपये रहा, जो सालाना आधार पर लगभग 291% की वृद्धि है।
एमसीएक्स की प्रबंध निदेशक एवं सीईओ Praveena Rai ने कहा, “हमारा ऑपरेटिंग रेवेन्यू सालाना आधार पर 113% से अधिक बढ़ा है, जो हमारी केंद्रित रणनीति, मजबूत निष्पादन, सभी सेगमेंट्स में बढ़ती भागीदारी, नए सदस्यों और नए उत्पादों को दर्शाता है। कमोडिटी डेरिवेटिव्स इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए हमने ‘प्राइस इन इंडिया : हेज इन इंडिया’ अभियान शुरू किया, ताकि भारत में हेजिंग भागीदारी को बढ़ावा दिया जा सके। संस्थागत और रिटेल निवेशकों ने भी कमोडिटी एसेट क्लास को तेजी से अपनाया है, जिससे बाजार में व्यापक और गहरी भागीदारी देखने को मिली है। आगे भी हमारा फोकस सतत विकास, भागीदारी और उत्पादों में विविधता, टेक्नोलॉजी एवं रिस्क फ्रेमवर्क को मजबूत करने तथा शेयरधारकों के मूल्य में निरंतर वृद्धि पर रहेगा।”
FY26 के प्रमुख कारोबारी और परिचालन हाइलाइट्स
➢ FIA के 2025 के आंकड़ों (कॉन्ट्रैक्ट्स की संख्या के आधार पर) के अनुसार, एमसीएक्स दुनिया का सबसे बड़ा कमोडिटी ऑप्शंस एक्सचेंज और चौथा सबसे बड़ा कमोडिटी एक्सचेंज बना।
➢ बुलियन और एनर्जी सेगमेंट मजबूत ग्रोथ ड्राइवर रहे, जबकि मेटल्स में भी अच्छी वृद्धि दर्ज हुई।
➢ बुलियन में YoY ADT (F&O) वृद्धि 496%, मेटल्स में 116% और एनर्जी में 29% रही।
➢ फ्यूचर्स और ऑप्शंस दोनों में संतुलित वृद्धि दर्ज हुई। फ्यूचर रेवेन्यू 136% बढ़कर 693 करोड़ रुपये और ऑप्शन रेवेन्यू 109% बढ़कर 1,398 करोड़ रुपये पहुंचा।
➢ नए उत्पादों के तहत इलेक्ट्रिसिटी फ्यूचर्स, बुलडेक्स ऑप्शंस, इलायची फ्यूचर्स, निकेल फ्यूचर्स, गोल्ड मंथली ऑप्शंस और सिल्वर मंथली ऑप्शंस लॉन्च किए गए।
➢ भागीदारी में वृद्धि के तहत FY26 में ट्रेडेड क्लाइंट्स की संख्या 20.90 लाख पहुंच गई, जो FY25 में 13 लाख थी। नए सदस्यों, वित्तीय संस्थानों और कॉर्पोरेट संस्थाओं की भागीदारी में भी मजबूत वृद्धि हुई।
➢ डिलीवरी आधारित कॉन्ट्रैक्ट्स में गोल्ड 21 मीट्रिक टन, सिल्वर 401 मीट्रिक टन और बेस मेटल्स 95,781 मीट्रिक टन रहे।
➢ टेक्नोलॉजी और साइबर सिक्योरिटी के क्षेत्र में कंपनी ने अपने टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर और साइबर सुरक्षा क्षमता को और मजबूत किया। बढ़ते ट्रेडिंग वॉल्यूम के बावजूद सिस्टम ने स्थिरता और स्केलेबिलिटी बनाए रखी। साइबर रिस्क मैनेजमेंट को सक्रिय मॉनिटरिंग और मजबूत सुरक्षा प्रोटोकॉल के जरिए बेहतर किया गया। कंपनी आगे भी टेक्नोलॉजी अपग्रेड और क्षमता विस्तार में निवेश जारी रखेगी।
➢ परिचालन क्षमता में तेजी से विस्तार करते हुए कंपनी ने मैक्रो-इकोनॉमिक घटनाओं से उत्पन्न अप्रत्याशित बाजार उतार-चढ़ाव और जोखिमों को सफलतापूर्वक संभाला, जिसमें डिलीवरी, सर्विलांस, कंप्लायंस, रिस्क मैनेजमेंट और अन्य परिचालन शामिल रहे।







