नई दिल्ली: पंजाब के भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) रोपड़ से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां एक महिला पीएचडी स्कॉलर ने आरोप लगाया है कि जापान यात्रा पर साथ चलने से इनकार करने पर एक प्रोफेसर ने उसके साथ मारपीट की। पीड़िता का आरोप है कि इस जापान यात्रा को शोध कार्य के नाम पर छिपाया जा रहा था।
पीएचडी स्कॉलर प्राची कादियान ने कहा, “सिर्फ इसलिए कि मैं IIT रोपड़ के डॉ. लखन बैंसला की हर बात नहीं मान रही थी और उनकी सभी मांगों के लिए हां नहीं कह रही थी, वह मेरे प्रति गुस्सा और दुर्भावना रखने लगे। उन्होंने अपना सारा गुस्सा मुझ पर निकाला। उन्होंने मेरी आंख पर मुक्का मारा और मुझे पीटा। वह शोध कार्य के बहाने मुझे अपने साथ जापान ले जाना चाहते थे।”
प्राची कादियान ने इस मामले में IIT रोपड़ पर चुप्पी साधने का भी आरोप लगाया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “मैंने उन्हें साफ मना कर दिया था कि मैं उनके साथ कहीं नहीं जाऊंगी। IIT रोपड़ की ओर से अब तक उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है। लंबे समय से उनकी नीयत मेरे प्रति गलत थी और वह मुझे धमकाते थे कि अगर मैं उनकी बात नहीं मानूंगी तो वह मुझे पीएचडी से बाहर कर देंगे। मुझ पर लगातार दबाव बनाया जा रहा था।”
महिला स्कॉलर ने यह भी आरोप लगाया कि IIT रोपड़ के प्रोफेसर ने उच्च अधिकारियों से अनुमति लिए बिना अपनी लैब में कैमरे लगवाए थे। उन्होंने लिखा, “IIT रोपड़ के डॉ. लखन बैंसला ने मेरे खिलाफ झूठे सबूत तैयार करने के लिए बिना किसी पूर्व अनुमति के अपनी लैब में दो कैमरे लगवाए। IIT रोपड़ की किसी अन्य लैब में कैमरे नहीं हैं, केवल उनकी लैब में ही कैमरे लगे थे। उन्होंने जानबूझकर वहां कैमरे लगवाए और किसी ने उनसे इस बारे में सवाल तक नहीं किया। उन दोनों कैमरों को केवल वही संचालित करते थे। जब भी वह लैब में आते, ज्यादातर समय कैमरे बंद कर देते थे। लेकिन जब उन्हें मेरे खिलाफ झूठे सबूत तैयार करने होते, तब कैमरे चालू रखते और अकेले ही उन्हें संचालित करते थे।”
पीएचडी स्कॉलर ने IIT रोपड़ पर इस मामले में उन्हें और उनके परिवार को परेशान करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने लिखा, “मेरे और मेरे परिवार की IIT रोपड़ के निदेशक के साथ एक बैठक हुई, जिसमें ICC के सभी सदस्य मौजूद थे। उस बैठक में निदेशक ने कहा था कि अगले दिन तक डॉ. लखन बैंसला को पत्र भेज दिया जाएगा और मेरा गाइड भी बदल दिया जाएगा। लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ। उल्टा, जब मेरा परिवार IIT से वापस चला गया, उसी रात मुझे ICC ने पुलिस को बयान देने के लिए बुलाया और मुझसे कहा गया कि मैं पुलिस को बताऊं कि ‘मैं ICC के फैसले से संतुष्ट हूं।’ उन्होंने कहा कि वे इस पूरे मामले को देख रहे हैं, लेकिन मुझे समझ नहीं आता कि वे क्या देख रहे हैं।”
उन्होंने आगे आरोप लगाया, “मेरे गाइड को बदलने को लेकर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। IIT में कोई भी मेरे चोरी हुए फोन की परवाह नहीं कर रहा, जबकि उसी फोन में डॉ. लखन बैंसला के खिलाफ सबूत थे। मुझे उनकी लैब में जाने से भी रोक दिया गया, ताकि मैं अपना फोन तक नहीं ढूंढ सकूं। मेरी चीजें वापस लाने के लिए सुरक्षा गार्ड भेजा गया, लेकिन डॉ. लखन से कोई सवाल नहीं किया गया। उन्होंने अपना लिंक्डइन अकाउंट भी डिलीट कर दिया। ICC मुझे बार-बार बैठकों के लिए बुला रही है। मैं और मेरा परिवार घर लौट चुके हैं और बार-बार IIT रोपड़ आना हमारे लिए बेहद महंगा है। एक मध्यमवर्गीय परिवार बार-बार टैक्सी से IIT रोपड़ आने-जाने का खर्च कैसे उठा सकता है?”
Just because I was not entertaining and not saying yes to all the needs of Dr Lakhan Bainsla from IIT Ropar, he had anger and malice against me
He channelled all the rage on me by punching my eye and beating me
He wanted to go to Japan with me by masking that trip with research… pic.twitter.com/cQn6ymoBuD— Prachi Kadiyan (@PrachiKadiyan__) May 2, 2026
मामला सामने आने के बाद IIT रोपड़ ने एक बयान जारी कर कहा कि संबंधित फैकल्टी सदस्य को जबरन अवकाश पर भेज दिया गया है। IIT रोपड़ ने स्पष्ट किया, “संस्थान ने 24 घंटे के भीतर कार्रवाई की—आईसीसी की कार्यवाही शुरू कर दी गई है, अंतरिम राहत प्रदान की गई है और संबंधित फैकल्टी सदस्य को जबरन अवकाश पर भेज दिया गया है। हम पूरी तरह से संबंधित अधिकारियों के साथ सहयोग कर रहे हैं।”
IIT Ropar is fully aware of a incident reported by a PhD scholar. The Institute acted within 24 hours—ICC proceedings have begun, interim relief has been provided, and the concerned faculty member has been placed on forced leave.
We are fully cooperating with authorities. pic.twitter.com/czrZdEBXPN
— IIT ROPAR (@iitrpr) May 3, 2026







