नई दिल्ली: जिंदल स्टील ने ओडिशा स्थित अपने अंगुल इंटीग्रेटेड स्टील कॉम्प्लेक्स में 3 एमटीपीए क्षमता वाली तीसरी बेसिक ऑक्सीजन फर्नेस (BOF-3) को चालू करते हुए 6 एमटीपीए विस्तार कार्य पूरा कर लिया है। इसके साथ ही संयंत्र की कुल कच्चे इस्पात उत्पादन क्षमता बढ़कर 12 एमटीपीए हो गई है, जिससे यह भारत के सबसे बड़े एकल-स्थान इंटीग्रेटेड स्टील कॉम्प्लेक्स में शामिल हो गया है।
यह विस्तार BOF-2 और BOF-3 के संचालन के साथ-साथ कई सहायक अपस्ट्रीम और डाउनस्ट्रीम सुविधाओं—जैसे कोक ओवन, CRM कॉम्प्लेक्स और अन्य महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर—के पूर्ण संचालन को सुनिश्चित करता है, जिससे क्षमता वृद्धि और उत्पादन में सुगमता आई है।
इस उपलब्धि के साथ कंपनी ने निर्धारित समयसीमा के भीतर अंगुल में अपनी क्षमता को 6 एमटीपीए से बढ़ाकर 12 एमटीपीए तक पूरी तरह संचालित कर लिया है। इस विस्तार के बाद कंपनी की कुल कच्चे इस्पात उत्पादन क्षमता बढ़कर 15.6 एमटीपीए हो गई है, जिसमें रायगढ़ संयंत्र की 3.6 एमटीपीए क्षमता भी शामिल है।
विस्तारित क्षमता से उत्पादन में वृद्धि और क्षमता उपयोग में सुधार की उम्मीद है, जिससे राजस्व वृद्धि को बल मिलेगा और परिचालन दक्षता के लाभ प्राप्त होंगे। बढ़े हुए एकीकरण और पैमाने के साथ कंपनी बेहतर मार्जिन, लागत अनुकूलन और लाभप्रदता में सुधार करने की स्थिति में है, साथ ही ‘आत्मनिर्भर भारत’ के विजन और देश निर्माण की प्राथमिकताओं के अनुरूप घरेलू इस्पात क्षमता को मजबूत कर रही है।







