New Delhi: केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने आज यानी 4 जुलाई 2026 को बेंगलुरु स्थित CBI के बैंकिंग सिक्योरिटीज एंड फ्रॉड ब्रांच (बीएसएफबी) में दर्ज दो बैंक धोखाधड़ी मामलों के संबंध में समन्वित तलाशी अभियान चलाया।
पहला मामला एम/एस आर एल ज्वेल्स लिमिटेड, उसके निदेशकों तथा अज्ञात लोक सेवकों के खिलाफ स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, मुंबई की शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया। शिकायत में आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, आपराधिक न्यासभंग, संपत्ति के गबन और जालसाजी जैसे अपराधों का आरोप लगाया गया है, जिससे स्टेट बैंक ऑफ इंडिया को 103.58 करोड़ रुपये का कथित गलत वित्तीय नुकसान हुआ। प्राथमिकी के अनुसार, आरोपियों पर धनराशि के गबन, आपराधिक न्यासभंग, अन्य बैंकों के चालू खातों के माध्यम से धन का डायवर्जन तथा खातों और इलेक्ट्रॉनिक अभिलेखों में फेरबदल एवं फर्जीवाड़ा करने के आरोप हैं।
दूसरा मामला केनरा बैंक की शिकायत पर एम/एस आशापुरा गारमेंट्स लिमिटेड, उसके निदेशकों, अज्ञात लोक सेवकों तथा अज्ञात निजी व्यक्तियों के खिलाफ दर्ज किया गया। शिकायत में आरोप है कि एम/एस आशापुरा गारमेंट्स लिमिटेड और उसके निदेशकों ने केनरा बैंक के नेतृत्व वाले बैंकों के एक संघ (कंसोर्टियम) के साथ धोखाधड़ी करने के लिए आपराधिक साजिश रची, जिससे 128.23 करोड़ रुपये का भारी वित्तीय नुकसान हुआ। आरोप है कि कंपनी ने अपने वस्त्र कारोबार के लिए स्वीकृत बैंक ऋण सुविधाओं को गैर-औद्योगिक लेनदेन में स्थानांतरित कर दिया और इस धन का उपयोग इस्पात, एल्युमिनियम तथा कोयले के कारोबार से जुड़ी संस्थाओं के साथ बड़े मूल्य के व्यापारिक लेनदेन में किया।
आज महाराष्ट्र और गुजरात के विभिन्न स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया गया। तलाशी के दायरे में आरोपित कंपनियों के निदेशकों से जुड़े आवासीय परिसर, व्यावसायिक प्रतिष्ठान तथा एम/एस आर एल ज्वेल्स लिमिटेड और एम/एस आशापुरा गारमेंट्स लिमिटेड के कार्यालय शामिल थे।
तलाशी के दौरान धन के डायवर्जन से संबंधित रिकॉर्ड सहित कई आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य बरामद किए गए। इनकी जांच कर साजिश के पूरे दायरे, धन के प्रवाह तथा इसमें शामिल सभी व्यक्तियों की भूमिका का पता लगाया जा रहा है।
मामले की आगे की जांच जारी है।







