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भारत नीति न्यूज़, बायोकॉन लिमिटेड, ताज़ा बिजनेस समाचार, ताज़ा समाचार, नवीनतम अपडेट, आज की खबरें

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(Image courtesy: Biocon Limited)

Bengaluru: बायोकॉन लिमिटेड, एक नवाचार-आधारित वैश्विक बायोफार्मास्युटिकल कंपनी, ने आज Yesafili™ (aflibercept-jbvf) की प्रभावशीलता का समर्थन करने वाले दो महत्वपूर्ण क्लिनिकल अध्ययनों के प्रकाशन की घोषणा की। इसके अफ्लिबरसेप्ट बायोसिमिलर MYL-1701P के फेज़-III INSIGHT कार्यक्रम के क्लिनिकल डेटा को दो पीयर-रिव्यू जर्नलों में प्रकाशित किया गया है। यह डेटा डायबिटिक मैक्युलर एडेमा (DME) के उपचार के लिए MYL-1701P के विकास का समर्थन करने वाले क्लिनिकल साक्ष्यों को और मजबूत करता है। मई 2024 में अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन (U.S. FDA) ने MYL-1701P को Yesafili™ नाम से मंजूरी दी थी तथा इसके वायल फॉर्मेट को इंटरचेंजेबल (Interchangeable) का दर्जा भी प्रदान किया था।

बायोकॉन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं प्रबंध निदेशक श्रीहास तांबे ने कहा, “इन पीयर-रिव्यू प्रकाशनों के निष्कर्ष हमारे अफ्लिबरसेप्ट बायोसिमिलर कार्यक्रम के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हैं, क्योंकि हम अमेरिका में इसके आगामी लॉन्च की तैयारी कर रहे हैं। ये अध्ययन दर्शाते हैं कि विज्ञान-आधारित हमारा दृष्टिकोण मरीजों तक बायोसिमिलर दवाओं की पहुंच को लगातार बढ़ा रहा है।”

‘सेफ्टी एंड एफिकेसी ऑफ बायोसिमिलर अफ्लिबरसेप्ट MYL-1701P इन डायबिटिक मैक्युलर ओडेमा: 20-वीक एक्सटेंशन रिजल्ट्स फॉलोइंग द INSIGHT पिवोटल ट्रायल’ शीर्षक वाला पहला शोधपत्र 29 जून 2026 को ब्रिटिश जर्नल ऑफ ऑप्थैल्मोलॉजी में प्रकाशित हुआ।

इस अध्ययन में 52 सप्ताह के वैश्विक फेज़-III INSIGHT ट्रायल को पूरा कर चुके DME मरीजों पर 20 सप्ताह के मल्टीसेंटर, ओपन-लेबल एक्सटेंशन अध्ययन के परिणाम प्रस्तुत किए गए हैं। इसमें MYL-1701P की सुरक्षा, प्रभावशीलता और इम्यूनोजेनिसिटी का मूल्यांकन उन प्रतिभागियों में किया गया, जिन्होंने या तो MYL-1701P का उपचार जारी रखा या रेफरेंस अफ्लिबरसेप्ट से MYL-1701P पर स्विच किया।

अध्ययन में पाया गया कि दोनों समूहों में सुरक्षा, प्रभावशीलता और इम्यूनोजेनिसिटी का प्रोफाइल समान रहा। सुरक्षा का आकलन आंखों एवं अन्य उपचार-संबंधी प्रतिकूल घटनाओं के आधार पर किया गया, जबकि प्रभावशीलता का मूल्यांकन सर्वश्रेष्ठ सुधारित दृष्टि क्षमता (Best Corrected Visual Acuity), सेंट्रल सबफील्ड थिकनेस तथा ETDRS स्कोर में सुधार के आधार पर किया गया। निष्कर्षों से पता चला कि दोनों उपचार समूहों में कार्यात्मक और संरचनात्मक लाभ पूरे एक्सटेंशन अवधि के दौरान बने रहे।

दूसरा शोधपत्र ‘कम्पेरेबिलिटी ऑफ अफ्लिबरसेप्ट बायोसिमिलर विद रेफरेंस अफ्लिबरसेप्ट इन डायबिटिक मैक्युलर एडेमा: सबग्रुप एनालिसिस ऑफ द पिवोटल फेज़-III INSIGHT रैंडमाइज्ड क्लिनिकल ट्रायल’ 18 मई 2026 को एक्सपर्ट ओपिनियन ऑन बायोलॉजिकल थेरेपी में प्रकाशित हुआ।

इसमें फेज़-III INSIGHT ट्रायल के विभिन्न उपसमूहों का विश्लेषण प्रस्तुत किया गया, जिसमें MYL-1701P की तुलना रेफरेंस अफ्लिबरसेप्ट से की गई। उपसमूहों का निर्धारण दृष्टि क्षमता, सेंट्रल सबफील्ड थिकनेस, आयु, लिंग, नस्ल, जातीयता, भौगोलिक क्षेत्र, ग्लाइकेटेड हीमोग्लोबिन, एंटी-ड्रग एंटीबॉडी की स्थिति और दूसरे नेत्र में पूर्व एंटी-VEGF उपचार जैसे आधारभूत मानकों के अनुसार किया गया।

विश्लेषण में अधिकांश उपसमूहों में MYL-1701P और रेफरेंस अफ्लिबरसेप्ट के बीच दृष्टि क्षमता और सेंट्रल सबफील्ड थिकनेस में चिकित्सकीय रूप से समान सुधार देखा गया। निष्कर्ष बताते हैं कि मूल्यांकित उपसमूहों में MYL-1701P और रेफरेंस उत्पाद के बीच क्लिनिकल समानता मौजूद है।

बायोकॉन की मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एलेना वोल्फ-होल्ज़ ने कहा, “इन प्रकाशनों के आंकड़े फेज़-III INSIGHT ट्रायल से प्राप्त क्लिनिकल साक्ष्यों को और मजबूत करते हैं। इससे रेफरेंस अफ्लिबरसेप्ट से MYL-1701P पर स्विच करने के बाद परिणामों की निरंतरता और विभिन्न मरीज समूहों में इसकी समान प्रभावशीलता सिद्ध होती है। यह MYL-1701P को डायबिटिक मैक्युलर एडेमा के उपचार के लिए एक विश्वसनीय विकल्प के रूप में स्थापित करने वाले साक्ष्यों को और मजबूत करता है।”

महामारी विज्ञान (Epidemiology):

संयुक्त राज्य अमेरिका में लगभग 1.98 करोड़ लोग आयु-संबंधी मैक्युलर डिजनरेशन (AMD) से प्रभावित हैं। यह बीमारी, विशेष रूप से बढ़ती उम्र के साथ, गंभीर स्वास्थ्य चिंता का विषय है और 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों में स्थायी दृष्टि हानि के प्रमुख कारणों में से एक है। वर्ष 2019 में अनुमानित 12.6% अमेरिकी, जिनकी आयु 40 वर्ष या उससे अधिक थी, AMD से पीड़ित थे, जिनमें लगभग 14.9 लाख (0.94%) लोगों की दृष्टि गंभीर रूप से प्रभावित होने का खतरा था।

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