मुंबई: इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च (Ind-Ra) का मानना है कि भारतीय फार्मा कंपनियों की मजबूत बैलेंस शीट और 1 गुना से कम लीवरेज प्रोफाइल (वित्त वर्ष 2026 में करीब 0.8 गुना) उन्हें अधिग्रहण-आधारित विस्तार के बावजूद दीर्घकालिक एमएंडए (विलय एवं अधिग्रहण) आधारित वृद्धि जारी रखने की क्षमता प्रदान करती है, बिना उनकी क्रेडिट गुणवत्ता पर कोई बड़ा नकारात्मक प्रभाव डाले। इसका प्रतिबिंब मुख्य रूप से स्थिर रेटिंग कार्रवाइयों में दिखाई देता है, जिन्हें दोहरे अंक की राजस्व वृद्धि, लगभग 70% सकल मार्जिन, 25% से अधिक EBITDA मार्जिन और मजबूत नकदी प्रवाह का समर्थन प्राप्त है। हालांकि कार्यशील पूंजी की आवश्यकता बढ़ी है और चक्र लगभग 10 दिन लंबा हुआ है, फिर भी बैलेंस शीट मजबूत बनी हुई है। Ind-Ra का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2027 में एकमुश्त लाभों में कमी और लागत दबाव बढ़ने के बावजूद एमएंडए वृद्धि का प्रमुख साधन बना रहेगा, जबकि रेटिंग संवेदनशीलता लीवरेज, एकीकरण और ऋण कम करने की क्षमता पर केंद्रित रहेगी।
Ind-Ra के कॉर्पोरेट रेटिंग्स निदेशक निशिथ संघवी ने कहा, “हमारा अनुमान है कि वित्त वर्ष 2027 में क्षेत्र का राजस्व सालाना आधार पर लगभग 10% बढ़ेगा। यह वृद्धि घरेलू बाजार के मजबूत प्रदर्शन और कॉन्ट्रैक्ट डेवलपमेंट एंड मैन्युफैक्चरिंग ऑर्गनाइजेशन (CDMO) खंड में बढ़ती मांग से प्रेरित होगी। अमेरिका में वृद्धि पर gRevlimid की अनुपस्थिति और लगातार मूल्य दबावों के कारण असर बना रह सकता है। निकट अवधि की लागत चुनौतियों के बावजूद अनुकूल उत्पाद मिश्रण, मुद्रा लाभ और पास-थ्रू तंत्र के कारण EBITDA मार्जिन मजबूत बने रहने की संभावना है। मजबूत बैलेंस शीट और पर्याप्त तरलता भविष्य में भी अकार्बनिक वृद्धि को समर्थन देंगी।”

वित्त वर्ष 2026 में अमेरिकी जेनेरिक कारोबार में गिरावट, दबाव जारी रहने की संभावना
Ind-Ra के अनुसार, वित्त वर्ष 2026 में अमेरिकी जेनेरिक दवाओं से प्राप्त राजस्व में मामूली गिरावट दर्ज की गई, जबकि वित्त वर्ष 2024 और 2025 में इसमें क्रमशः उच्च-दो अंकीय और उच्च-एकल अंक वृद्धि हुई थी। यह गिरावट कुछ उत्पाद-विशिष्ट चुनौतियों और लगातार मूल्य क्षरण के कारण रही। अमेरिकी बाजार अभी भी क्षेत्रीय राजस्व में 35% से अधिक योगदान देता है, जो इसकी संरचनात्मक महत्ता को दर्शाता है। कंपनियां मार्जिन बनाए रखने और मौजूदा पोर्टफोलियो में गिरावट की भरपाई के लिए इंजेक्टेबल, ट्रांसडर्मल, इनहेलेंट, नेजल और ऑप्थैल्मिक जैसे जटिल जेनेरिक उत्पादों में निवेश बढ़ा रही हैं।
घरेलू फॉर्मुलेशन कारोबार में मजबूत वृद्धि जारी रहेगी
Ind-Ra का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2027 में घरेलू राजस्व में 9%-10% की वार्षिक वृद्धि होगी, जिसे मांग में निरंतर सुधार, नियंत्रित मूल्य वृद्धि और नए उत्पादों के लगातार लॉन्च का समर्थन मिलेगा। वित्त वर्ष 2024 से 2026 के दौरान घरेलू वृद्धि मध्यम से उच्च एकल अंक स्तर पर स्थिर रही है और वित्त वर्ष 2025 की ऊंची वृद्धि के बाद सामान्य स्तर पर आई है। वृद्धि का मुख्य आधार कार्डियक, एंटी-डायबिटिक, विटामिन/मिनरल/न्यूट्रिएंट्स, रेस्पिरेटरी और न्यूरो/सेंट्रल नर्वस सिस्टम जैसी क्रॉनिक थेरेपी रहेंगी, जिनकी वृद्धि व्यापक बाजार से अधिक बनी हुई है। GLP-1 उत्पादों के लॉन्च से भी क्रॉनिक पोर्टफोलियो को मजबूती मिली है। वहीं, एक्यूट थेरेपी खंड में भी सुधार देखने को मिला है, जिससे मांग में व्यापक वृद्धि को समर्थन मिला है।

API और अन्य वैश्विक बाजारों में वृद्धि
रिपोर्ट के अनुसार, सक्रिय औषधि संघटक (API) कारोबार में दो वर्षों की गिरावट के बाद वित्त वर्ष 2026 में लगभग 9% की सकारात्मक वृद्धि दर्ज हुई है। इसका मुख्य कारण विनियमित बाजारों में मांग की मात्रा में सुधार रहा, हालांकि मूल्य दबाव अभी भी बना हुआ है। दूसरी ओर, शेष विश्व (RoW) बाजारों में उच्च-दो अंकीय वृद्धि दर्ज की गई, जिसे मुद्रा विनिमय लाभ और नए भौगोलिक क्षेत्रों में विस्तार का समर्थन मिला। इससे राजस्व स्रोतों का विविधीकरण भी बेहतर हुआ है।

वित्त वर्ष 2027 में मार्जिन में कुछ नरमी संभव
वित्त वर्ष 2026 में लगभग 70% सकल मार्जिन और 25% से अधिक EBITDA मार्जिन को अनुकूल उत्पाद मिश्रण, अमेरिका में मिले एकमुश्त अवसरों, कच्चे माल की कम लागत और परिचालन दक्षताओं का लाभ मिला। हालांकि संरचनात्मक कारक मजबूत बने हुए हैं, लेकिन भू-राजनीतिक कारणों से कच्चे माल और लॉजिस्टिक्स लागत में वृद्धि तथा एकमुश्त लाभों की अनुपस्थिति, विशेषकर वित्त वर्ष 2027 की पहली छमाही में, मार्जिन पर कुछ दबाव डाल सकती है। इसके बावजूद मार्जिन ऐतिहासिक औसत से ऊपर बने रहने की संभावना है।

अधिग्रहणों के बावजूद लीवरेज रहेगा नियंत्रण में
Ind-Ra के अनुसार, अधिग्रहण आधारित विस्तार के कारण सकल लीवरेज वित्त वर्ष 2024 के 0.5 गुना से बढ़कर वित्त वर्ष 2026 में लगभग 0.8 गुना हो गया है। इसके बावजूद मजबूत EBITDA सृजन के कारण लीवरेज स्तर अभी भी संतुलित माना जा रहा है। एजेंसी का अनुमान है कि निरंतर एमएंडए गतिविधियों के बावजूद क्षेत्र का शुद्ध लीवरेज 1.5 गुना से नीचे बना रहेगा, जिससे बैलेंस शीट की मजबूती बरकरार रहेगी।

हालिया अधिग्रहण गतिविधियां और रेटिंग कार्रवाइयां
फार्मा क्षेत्र में हाल के वर्षों में उत्पाद पोर्टफोलियो मजबूत करने, जटिल जेनेरिक एवं विशेष उपचार क्षेत्रों में विस्तार और CDMO क्षमताओं को बढ़ाने के उद्देश्य से अधिग्रहण गतिविधियां तेज हुई हैं। इनमें (i) क्रॉनिक थेरेपी में विस्तार के लिए घरेलू ब्रांडेड पोर्टफोलियो का अधिग्रहण, (ii) अमेरिका और यूरोप में विशिष्ट परिसंपत्तियों की खरीद के जरिए जटिल जेनेरिक कारोबार का विस्तार तथा (iii) उन्नत क्षमताओं के विकास के लिए CDMO अधिग्रहण शामिल हैं।

Ind-Ra ने ऐसे सौदों के मूल्यांकन में अतिरिक्त लीवरेज और मध्यम अवधि के रणनीतिक लाभों के बीच संतुलित दृष्टिकोण अपनाया है। ऋण आधारित घरेलू फॉर्मुलेशन अधिग्रहणों के मामलों में एजेंसी ने मध्यम लीवरेज वृद्धि के बावजूद मजबूत नकदी प्रवाह और संभावित पैमाने के लाभों को देखते हुए स्थिर आउटलुक के साथ रेटिंग बरकरार रखी है। वहीं बड़े प्लेटफॉर्म या विदेशी अधिग्रहणों वाले कुछ सौदों में एजेंसी ने लीवरेज और एकीकरण जोखिमों को आउटलुक संशोधन या रेटिंग संवेदनशीलताओं के माध्यम से रेखांकित किया है।
Ind-Ra ने Torrent Pharmaceuticals Limited की रेटिंग (IND AA+/Stable) को JB Chemicals & Pharmaceuticals Limited के अधिग्रहण के बाद भी स्थिर आउटलुक के साथ बरकरार रखा है।
इसके अलावा, एजेंसी ने कई अधिग्रहणों को देखते हुए Eris Lifesciences Limited की रेटिंग (IND AA/Stable) की भी पुष्टि की है।
Ind-Ra का कहना है कि जिन अधिग्रहणों से कंपनियों की चिकित्सीय उपस्थिति मजबूत हुई है या उच्च मार्जिन वाले पोर्टफोलियो जुड़े हैं, वहां व्यापारिक जोखिम प्रोफाइल में सुधार की संभावना को ध्यान में रखते हुए रेटिंग स्थिर रखी गई है। वहीं, अधिक निष्पादन जोखिम वाले सौदों में ऋण घटाने की समयसीमा, तालमेल से मिलने वाले लाभ और एकीकरण की प्रगति को प्रमुख रेटिंग ट्रिगर माना गया है।







