नई दिल्ली: मोज़ाम्बिक के मोआतिज़े में आयोजित एक समारोह में JSW Steel लिमिटेड (“जेएसडब्ल्यू स्टील” या “कंपनी”) ने आज अपने कोकिंग कोल खनन प्रोजेक्ट मिनास डे रेवुबोए (MdR) की घोषणा की। यह परियोजना मोज़ाम्बिक के टेटे प्रांत के मोआतिज़े कोयला बेसिन में स्थित है। समारोह की अध्यक्षता Daniel Francisco Chapo, मोज़ाम्बिक गणराज्य के राष्ट्रपति, ने की। इस अवसर पर Parth Jindal (जेएसडब्ल्यू समूह), Robert Shetkington (मोज़ाम्बिक में भारत के उच्चायुक्त) तथा कई वरिष्ठ सरकारी गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। यह आयोजन भारत-मोज़ाम्बिक औद्योगिक सहयोग में एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।
वैश्विक महत्व की रणनीतिक परिसंपत्ति
टेटे प्रांत के मोआतिज़े कोयला बेसिन में स्थित MdR परियोजना के माध्यम से जेएसडब्ल्यू स्टील को उच्च गुणवत्ता वाले हार्ड कोकिंग कोल के बड़े भंडार तक पहुँच मिलेगी, जो इस्पात निर्माण में एक प्रमुख कच्चा माल है।
MdR परियोजना में लगभग 850 मिलियन टन (mt) कोयले का भंडार है और इससे करीब 250 मिलियन टन उपयोगी कोकिंग कोल प्राप्त होने की संभावना है। जेएसडब्ल्यू स्टील इस खदान का विकास चरणबद्ध तरीके से करेगी। पहले चरण को अगले 2.5 वर्षों में विकसित करने की योजना है, जिसमें प्रतिवर्ष 2.4 मिलियन टन प्राइम हार्ड कोकिंग कोल का उत्पादन किया जाएगा।
यह परियोजना टेटे शहर से लगभग 10 किमी उत्तर, बेइरा पोर्ट से 450 किमी उत्तर और नाकाला पोर्ट से 900 किमी दक्षिण-पश्चिम में स्थित है। यह भौगोलिक स्थिति इसे भारतीय इस्पात संयंत्रों को आपूर्ति के लिए विश्व की सबसे अनुकूल कोकिंग कोल परिसंपत्तियों में से एक बनाती है।
यह परियोजना जेएसडब्ल्यू स्टील की बैकवर्ड इंटीग्रेशन रणनीति में एक परिवर्तनकारी कदम है और इस्पात निर्माण के सबसे महत्वपूर्ण व महंगे कच्चे माल की दीर्घकालिक आपूर्ति सुनिश्चित करने में मदद करेगी। भारत में उच्च गुणवत्ता वाले कोकिंग कोल के घरेलू भंडार सीमित हैं, इसलिए विदेशों में कैप्टिव स्रोत विकसित करना रणनीतिक रूप से आवश्यक हो गया है। MdR परियोजना के माध्यम से जेएसडब्ल्यू स्टील कोकिंग कोल की वैश्विक कीमतों में उतार-चढ़ाव के जोखिम को कम करने और दीर्घकाल में अपनी लागत संरचना को बेहतर बनाने की उम्मीद कर रही है।
उच्च गुणवत्ता वाले हार्ड कोकिंग कोल की उपलब्धता न केवल उत्पादन क्षमता के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि इस्पात निर्माण में कार्बन उत्सर्जन की तीव्रता को कम करने में भी सहायक होती है। MdR की उच्च-ग्रेड कोयला गुणवत्ता जेएसडब्ल्यू स्टील के सतत विकास और डिकार्बोनाइजेशन रोडमैप के लक्ष्यों को आगे बढ़ाने में मदद करेगी।
मोज़ाम्बिक के राष्ट्रपति Daniel Francisco Chapo ने कहा, “मोज़ाम्बिक की सरकार और जनता को यह जानकर खुशी है कि जेएसडब्ल्यू स्टील जैसी विश्व-स्तरीय कंपनी मोज़ाम्बिक में निवेश कर रही है। मिनास डे रेवुबोए परियोजना के विकास से मोज़ाम्बिक एक विश्व-स्तरीय खनन परिसंपत्ति तैयार करने की दिशा में आगे बढ़ेगा। जेएसडब्ल्यू स्टील की मौजूदगी अंतरराष्ट्रीय निवेशकों को यह भी दिखाएगी कि मोज़ाम्बिक में व्यापार करना कितना आसान है।”
Parth Jindal ने कहा, “मोज़ाम्बिक में मिनास डे रेवुबोए परियोजना की घोषणा करते हुए हमें खुशी हो रही है। यह परियोजना अफ्रीका में प्रीमियम हार्ड कोकिंग कोल भंडार सुरक्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है, जो भारत के करीब स्थित होने के कारण लागत अनुकूलन में भी मदद करेगी। 2030 तक भारत में 50 मिलियन टन प्रति वर्ष इस्पात उत्पादन क्षमता के लक्ष्य की दिशा में बढ़ते हुए हमें उम्मीद है कि यह परिसंपत्ति कच्चे माल की रणनीतिक और विविध आपूर्ति सुनिश्चित करेगी, वैश्विक कोकिंग कोल कीमतों की अस्थिरता से सुरक्षा प्रदान करेगी और हमारी सतत विकास की दृष्टि को मजबूत बनाएगी।”






