Bharat Neeti

भारत नीति

Be Ahead With Economy And Policy Updates

Search
Close this search box.

भारत नीति

Be Ahead With Economy And Policy Updates

ज़ेन टेक्नोलॉजीज का बड़ा दांव, बैटलफील्ड मैनेजमेंट सिस्टम डेवलपर कॉग्निट सेमेंटिक्स में खरीदेगी बहुमत हिस्सेदारी

Zen Technologies Limited
Zen Technologies Limited

Hyderabad: ज़ेन टेक्नोलॉजीज लिमिटेड (“ज़ेन”) ने घोषणा की है कि उसके निदेशक मंडल ने बेंगलुरु स्थित रक्षा प्रौद्योगिकी कंपनी कॉग्निट सेमेंटिक्स प्राइवेट लिमिटेड (“कॉग्निट”) में 51.98% हिस्सेदारी (पूरी तरह डाइल्यूटेड आधार पर) हासिल करने के लिए 135.15 करोड़ रुपये के निवेश को मंजूरी दी है। कॉग्निट ने मुख्य युद्धक टैंकों के लिए बैटलफील्ड मैनेजमेंट सिस्टम (बीएमएस) विकसित करने की आईडीईएक्स (iDEX) चुनौती जीती थी। कंपनी को वर्ष 2022 में रक्षा मंत्री का इनोवेशन पुरस्कार भी मिल चुका है।

ज़ेन का यह निवेश कॉग्निट के प्राथमिक फंडिंग राउंड में निवेश और मौजूदा शेयरों के अधिग्रहण के संयोजन के रूप में होगा। निवेशक आशीष कचोलिया और उनके सहयोगी भी इस प्राथमिक फंडिंग राउंड में निवेश करेंगे। सामान्य समापन शर्तों के अधीन इस लेनदेन के पूरा होने पर कॉग्निट, ज़ेन की सहायक कंपनी बन जाएगी। हालांकि, कंपनी की संस्थापक टीम इसका नेतृत्व जारी रखेगी।

यूक्रेन से लेकर पश्चिम एशिया तक के हालिया संघर्षों ने दिखाया है कि युद्ध का परिणाम केवल टैंकों और हथियारों की संख्या से तय नहीं होता, बल्कि इस बात से तय होता है कि प्रत्येक सैन्य इकाई कितनी तेजी से युद्धक्षेत्र की स्थिति को देख सकती है, मिली जानकारी साझा कर सकती है और उसके आधार पर कार्रवाई कर सकती है। बैटलफील्ड मैनेजमेंट सिस्टम आधुनिक युद्ध में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ये सिस्टम प्रत्येक लड़ाकू इकाई को अपनी सेना, दुश्मन और युद्ध योजना की एक साझा तस्वीर उपलब्ध कराते हैं। दुनिया भर में बख्तरबंद सैन्य बलों के आधुनिकीकरण में इनकी अहम भूमिका है।

कॉग्निट का बीएमएस टैंकों, वाहनों और सैनिकों को डिजिटल रूप से जोड़ता है, ताकि प्रत्येक कमांडर को युद्धक्षेत्र की स्थिति की वास्तविक समय में एक समान जानकारी मिल सके। यह सिस्टम भारतीय सेना के साथ फील्ड ट्रायल पूरा कर चुका है। इसे भारत में ही डिजाइन और विकसित किया गया है, जिससे देश के स्वदेशी रक्षा प्रौद्योगिकी आधार और सशस्त्र बलों की आत्मनिर्भरता को मजबूती मिलेगी।

ज़ेन के लिए यह अधिग्रहण उसके प्रस्तावित एआई प्लेटफॉर्म ‘संविद’ (Samvid) के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य युद्धक्षेत्र की साझा जानकारी उपलब्ध कराना है। कॉग्निट का बीएमएस टैंकों, वाहनों और सैनिकों को जोड़ने वाली कमांड एवं कंट्रोल प्रणाली प्रदान करता है। इसे संविद के साथ-साथ ज़ेन के प्रशिक्षण सिमुलेटर, एंटी-ड्रोन सिस्टम, ड्रोन और स्वायत्त प्लेटफॉर्म के पूरक के रूप में विकसित करने की योजना है।

ज़ेन टेक्नोलॉजीज लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक अशोक अत्री ने कहा, “भविष्य के युद्ध वही सेनाएं जीतेंगी, जो सबसे पहले स्थिति को समझेंगी, सबसे तेजी से निर्णय लेंगी और एकजुट होकर कार्रवाई करेंगी।

कॉग्निट भारतीय सेना को ऐसा करने का अवसर प्रदान करती है। इसकी तकनीक भारत में विकसित की गई है और सेना के साथ परीक्षणों में इसकी जांच की जा चुकी है। हमें उस टीम का समर्थन करने पर गर्व है, जिसने इसे तैयार किया है।
आईडीईएक्स चुनौती में चयन से लेकर फील्ड ट्रायल तक कॉग्निट की यात्रा में लगभग पांच वर्ष लगे, क्योंकि इस सिस्टम को अंतिम उपयोगकर्ता के साथ मिलकर विकसित किया गया और हर चरण में सेना की प्रतिक्रिया को शामिल किया गया। इस तरह का गहरा जुड़ाव आसानी से दोहराया नहीं जा सकता। इससे प्राप्त अनुभव ज़ेन समूह में भविष्य के अनुसंधान एवं विकास कार्यों को तेज करने में मदद करेंगे।

ज़ेन के व्यापक संसाधनों और अनुभव तथा मजबूत नेतृत्व वाली टीमों को समर्थन देने के हमारे दृष्टिकोण के साथ, हमारा लक्ष्य कॉग्निट को टैंक से लेकर सैनिक तक युद्धक्षेत्र प्रबंधन के लिए स्वदेशी मानक बनाना और भविष्य के युद्धों के लिए भारतीय सेना को मजबूत करना है।”

कॉग्निट सेमेंटिक्स प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी अनुरूप अयंगर ने कहा, “वर्ष 2014 से कॉग्निट रक्षा क्षेत्र में नवाचार करने वाले भारतीय स्टार्टअप्स की नई लहर का हिस्सा रही है। अब ज़ेन और उसके नेटवर्क से मिलने वाली ‘साहसिक पूंजी’ के माध्यम से इस नवाचार को आवश्यक प्रोत्साहन मिलेगा।

हम भारतीय सैनिकों को ऐसी क्षमता प्रदान करने के लिए अच्छी स्थिति में हैं, जो उनकी युद्ध क्षमता को कई गुना बढ़ा सकती है और जो आज दुनिया की बहुत कम सेनाओं के पास उपलब्ध है।

हमने सिग्नल्स के लिए बड़े पैमाने पर डेटा प्रोसेसिंग और पैदल सेना के लिए एज एआई से शुरुआत की। इसके बाद आईडीईएक्स के माध्यम से अगली पीढ़ी की कमांड एवं कंट्रोल प्रणाली विकसित की, जो सेना के साथ फील्ड ट्रायल पूरा कर चुकी है।

हमें विश्वास है कि हमने एक ऐसी मजबूत नींव तैयार की है, जिस पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), रोबोटिक्स और ड्रोन जैसी चौथी औद्योगिक क्रांति की तकनीकों को शामिल किया जा सकता है। इससे एआई युग के अनुरूप बैटलफील्ड मैनेजमेंट सिस्टम विकसित करने का लक्ष्य हासिल किया जा सकेगा।”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You are warmly welcomed to India’s first On-Demand News Platform. We are dedicated to fostering a democracy that encourage diverse opinions and are committed to publishing news for all segments of the society. If you believe certain issues or news stories are overlooked by mainstream media, please write to us. We will ensure your news is published on our platform. Your support would be greatly appreciated if you could provide any relevant facts, images, or videos related to your issue.

Contact Form

Newsletter

Recent News

Follow Us

Related News