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ट्रांसरेल लाइटिंग को ₹412 करोड़ के नए ऑर्डर मिले

Orders come mainly from reconductoring of Transmission Lines using HTLS conductors manufactured by the Company
Transrail's orders come mainly from reconductoring of Transmission Lines using HTLS conductors manufactured by the Company

नई दिल्ली: ट्रांसमिशन एवं डिस्ट्रीब्यूशन (T&D) क्षेत्र की प्रमुख इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एवं कंस्ट्रक्शन (EPC) कंपनियों में से एक ट्रांसरेल लाइटिंग लिमिटेड ने आज बताया कि उसे अपने मुख्य ट्रांसमिशन एवं डिस्ट्रीब्यूशन (T&D) कारोबार में ₹412 करोड़ के नए ऑर्डर मिले हैं। इन नए ऑर्डरों के बाद वर्ष के लिए कंपनी का ऑर्डर इनटेक बढ़कर ₹2,021 करोड़ हो गया है। कंपनी के पास ₹409 करोड़ के अतिरिक्त L1 ऑर्डर भी हैं।

इन ऑर्डरों में मुख्य रूप से घरेलू बाजार में HTLS कंडक्टर के जरिए ट्रांसमिशन लाइनों के रिकंडक्टरिंग से जुड़ी परियोजनाएं शामिल हैं। कुछ दिन पहले कंपनी द्वारा घोषित ऑर्डरों के अलावा मिले ये अतिरिक्त रिकंडक्टरिंग ऑर्डर ट्रांसरेल को इस तरह की नई परियोजनाओं को पूरा करने में मदद करेंगे, जहां कंपनी द्वारा इन-हाउस निर्मित उच्च-प्रदर्शन वाले कार्बन-कोर HTLS कंडक्टर का उपयोग ट्रांसमिशन लाइनों की करंट वहन क्षमता बढ़ाने के लिए किया जाता है।

बढ़ी हुई विनिर्माण क्षमताओं (टावर 1,84,400 MTPA और कंडक्टर 40,800 KMPA) तथा घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों बाजारों में T&D क्षेत्र से जुड़े अनुकूल अवसरों के साथ कंपनी लाभदायक वृद्धि के लिए अच्छी तरह तैयार है।

ट्रांसरेल लाइटिंग के एमडी एवं सीईओ रंदीप नारंग ने कहा, “मुझे लगातार ₹412 करोड़ के नए ऑर्डर मिलने की घोषणा करते हुए खुशी हो रही है, जिससे हमारे ऑर्डरबुक में और वृद्धि हुई है तथा एक एकीकृत T&D कंपनी के रूप में हमारी स्थिति मजबूत हुई है। इसके साथ ही हम अपने द्वारा निर्मित उच्च-प्रदर्शन वाले कार्बन-कोर HTLS कंडक्टर का उपयोग करने वाली ट्रांसमिशन लाइन रिकंडक्टरिंग परियोजनाओं में अपनी घरेलू पहुंच का और विस्तार कर रहे हैं।

हम इस बात से उत्साहित हैं कि सरकार ने ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर के फेज-III को मंजूरी देकर इस क्षेत्र को बढ़ावा दिया है। इससे 900 GW गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित बिजली उत्पादन की निकासी को समर्थन देने के लिए भारत के बिजली बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी। इस तरह के उद्योगगत अनुकूल माहौल के साथ टावर और कंडक्टर के लिए हमारी बढ़ी हुई विनिर्माण क्षमताएं हमें अपनी वृद्धि जारी रखने और टिकाऊ मूल्य सृजित करने के लिए बेहतर स्थिति में रखती हैं।”

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