नई दिल्ली: AGI Greenpac, भारत की अग्रणी एकीकृत पैकेजिंग उत्पाद कंपनी और AGI Glaspac की मूल कंपनी, ने उत्तर प्रदेश के हाथरस में अपने अत्याधुनिक एल्युमिनियम बेवरेज कैन निर्माण संयंत्र का आधिकारिक रूप से निर्माण शुरू कर दिया है।
34 एकड़ में फैली यह ग्रीनफील्ड परियोजना ₹1,000 करोड़ के निवेश से विकसित की जा रही है। इसे एक विश्वस्तरीय विनिर्माण केंद्र के रूप में तैयार किया जा रहा है, जिसमें उन्नत और हाई-स्पीड कैन उत्पादन तकनीक का उपयोग होगा। यह संयंत्र दक्षता, सटीकता और वैश्विक मानकों के अनुरूप विस्तार क्षमता को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। संयंत्र के 2027 की पहली छमाही में परिचालन शुरू करने की योजना है। प्रारंभ में इसमें दो अत्याधुनिक उत्पादन लाइनें होंगी, जिनकी संयुक्त उत्पादन क्षमता 1.6 अरब कैन प्रति वर्ष होगी, जबकि शुरुआती उत्पादन लक्ष्य 1.3 अरब कैन प्रतिवर्ष रखा गया है। प्रत्येक उत्पादन लाइन को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप डिजाइन किया गया है और लक्षित डिबॉटलनेकिंग तथा उन्नत नेकिंग तकनीक के माध्यम से इसे प्रति लाइन 1 अरब कैन तक अपग्रेड किया जा सकेगा। इससे कुल संभावित क्षमता 2 अरब कैन प्रतिवर्ष से अधिक हो जाएगी।
यह संयंत्र एल्युमिनियम बेवरेज कैन की व्यापक रेंज का निर्माण करेगा, जिसमें स्टैंडर्ड, स्लीक और स्लिम प्रोफाइल शामिल होंगे। ये कार्बोनेटेड सॉफ्ट ड्रिंक्स, बीयर, एनर्जी ड्रिंक्स और रेडी-टू-ड्रिंक पेय पदार्थों सहित सभी प्रकार के पेय उत्पादों की जरूरतों को पूरा करेंगे। मल्टी-फॉर्मेट क्षमता, अपग्रेड योग्य संरचना और नियोजित नेकिंग तकनीक के साथ AGI Greenpac को बाजार की बदलती मांग के अनुरूप अपनी उत्पादन क्षमता और उत्पाद पोर्टफोलियो दोनों को बढ़ाने की लचीलापन मिलेगी।
Rajesh Khosla, सीईओ, AGI Greenpac Limited ने कहा, “यह निवेश भारत की विकास यात्रा और घरेलू पैकेजिंग क्षेत्र में उपलब्ध बड़े अवसरों के प्रति हमारे गहरे विश्वास को दर्शाता है। उत्तर प्रदेश की यह सुविधा AGI Greenpac की विश्वस्तरीय और भविष्य के लिए तैयार बुनियादी ढांचा विकसित करने की प्रतिबद्धता का प्रमाण है, जो बाजार की बदलती जरूरतों को पूरा करता है। क्षमता विस्तार से आगे बढ़कर यह परियोजना हमारी परिचालन दक्षता, लॉजिस्टिक्स क्षमताओं और टिकाऊ व जिम्मेदार विनिर्माण के प्रति हमारी व्यापक प्रतिबद्धता को मजबूत करती है, साथ ही क्षेत्र के आर्थिक विकास में भी सार्थक योगदान देती है।”
सततता (Sustainability) इस संयंत्र की डिजाइन का केंद्रीय तत्व है। हाथरस संयंत्र को भारत के ग्रीन बिल्डिंग फ्रेमवर्क के तहत सर्वोच्च मान्यता ‘प्लैटिनम ग्रीन बिल्डिंग’ रेटिंग हासिल करने के उद्देश्य से तैयार किया जा रहा है। इस सुविधा के डिजाइन के हर चरण में संसाधन दक्षता, ऊर्जा अनुकूलन और जिम्मेदार परिचालन को शामिल किया गया है। एल्युमिनियम अनंत बार पुनर्चक्रण (Recyclable) योग्य है और हर चक्र में अपनी गुणवत्ता बनाए रखता है। यही कारण है कि यह सबसे टिकाऊ पैकेजिंग सामग्रियों में से एक है और उन बेवरेज ब्रांड्स के लिए उपयुक्त विकल्प है, जो अपने पर्यावरणीय प्रभाव को कम करने और सर्कुलर इकोनॉमी के लक्ष्यों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
रणनीतिक रूप से स्थित यह उत्तर प्रदेश संयंत्र उत्तर और मध्य भारत के प्रमुख उपभोग बाजारों के करीब होने का लाभ देगा, जिससे तेज आपूर्ति, कम लॉजिस्टिक्स लागत और बेहतर सेवा स्तर सुनिश्चित होंगे। यह विशेष रूप से उन अल्कोहलिक और नॉन-अल्कोहलिक पेय कंपनियों के लिए महत्वपूर्ण है, जो ‘जस्ट-इन-टाइम’ सप्लाई मॉडल पर काम करती हैं। कंटेनर ग्लास में कंपनी की मौजूदा उपस्थिति से विभिन्न ग्राहक वर्गों के बीच तालमेल भी मजबूत होगा, जिससे AGI Greenpac भारत के बेवरेज निर्माताओं के लिए एकीकृत ‘वन-स्टॉप’ पैकेजिंग पार्टनर के रूप में स्थापित होगा।
भारत में वर्तमान में एल्युमिनियम बेवरेज कैन निर्माण क्षमता लगभग 3.9 अरब कैन प्रतिवर्ष है और प्रीमियम उत्पादों की बढ़ती मांग, शहरी खपत में वृद्धि तथा अधिक टिकाऊ पैकेजिंग विकल्पों की ओर झुकाव के कारण इसमें दोहरे अंकों की वृद्धि होने की उम्मीद है। पैकेजिंग क्षेत्र में छह दशकों की विनिर्माण विशेषज्ञता के साथ AGI Greenpac इस तेजी से बढ़ते बाजार में एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी बनने की मजबूत स्थिति में है। कंपनी की गहरी परिचालन विशेषज्ञता, सटीक विनिर्माण क्षमता और प्रमुख बेवरेज ब्रांड्स के साथ स्थापित संबंध इसे इस बाजार में सहज और मजबूत प्रवेश के लिए ठोस आधार प्रदान करते हैं।







