गुरुग्राम: पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (पावरग्रिड), विद्युत मंत्रालय के अधीन एक महारत्न सार्वजनिक उपक्रम को आंध्र प्रदेश के कालिकिरी स्थित 400/220 केवी उपकेंद्र में 150 MW / 300 MWh की स्टैंडअलोन बैट्री एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (बीईएसएस) परियोजना के लिए टैरिफ-आधारित प्रतिस्पर्धी बोली (टीबीसीबी) के तहत सफल बोलीदाता घोषित किया गया है। यह उपलब्धि पारंपरिक पारेषण व्यवसाय से आगे बढ़कर एनर्जी स्टोरेज और स्मार्ट ग्रिड टेक्नोलॉजी सहित उन्नत ग्रिड समाधानों के क्षेत्र में पावरग्रिड के बढ़ते पोर्टफोलियो को सुदृढ़ करती है।
यह परियोजना बिल्ड-ओन-ऑपरेट (बीओओ) मॉडल के अंतर्गत पावर सिस्टम डेवलपमेंट फंड (पीएसडीएफ) के माध्यम से वायबिलिटी गैप फंडिंग (वीजीएफ) के साथ अवार्ड की गई है। यह आंध्र प्रदेश की उस व्यापक पहल का हिस्सा है, जिसके तहत ग्रिड की स्थिरता बढ़ाने तथा ‘ऑन-डिमांड’ उपयोग को समर्थन देने के लिए कुल 1,000 MW / 2,000 MWh की बीईएसएस क्षमता स्थापित की जानी है। कालिकिरी बीईएसएस परियोजना ग्रिड फ्लेक्सबिलिटी को सुदृढ़ करेगी, जिससे पीक लोड का कुशल प्रबंधन संभव होगा तथा इंटरमिटेंसी संबंधी चुनौतियों का समाधान करते हुए नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग में सुधार होगा।
31 दिसम्बर 2025 तक, पावरिग्रड 287 सब-स्टेशनों, 1,81,894 सर्किट किमी ट्रांसिमशन लाइनों और 5,93,016 एमवीए की ट्रांसफॉर्मेशन क्षमता को कमीशन कर प्रचालन कर रहा है। नवीनतम उपकरणों और तकनीकों को अपनाने, स्वचालन और डिजिटल समाधानों के उन्नत उपयोग से, पावरिग्रड 99.84% की औसत ट्रांसिमशन प्रणाली उपलब्धता बनाए रखने में सक्षम रहा है।







