New Delhi: भारत का एलेवेटर और एस्केलेटर क्षेत्र वैश्विक स्तर पर सबसे तेजी से बढ़ते वर्टिकल मोबिलिटी बाजारों में से एक के रूप में उभरा है। तेज़ शहरीकरण, बुनियादी ढांचे के विस्तार और महानगरों व उभरते शहरों में ऊंची इमारतों के बढ़ते निर्माण ने इस वृद्धि को गति दी है। वर्ष 2025 में भारत में सालाना बिकने वाली एलेवेटर इकाइयों की संख्या लगभग 1 लाख (100,000) आंकी गई, हालांकि कुछ अन्य अनुमानों के अनुसार यह आंकड़ा 55,000 से 60,000 से अधिक इकाइयों के बीच रहा है।
भारत के एलेवेटर और एस्केलेटर बाजार का आकार 2024 में 14.60 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया। आगे देखते हुए, IMARC ग्रुप का अनुमान है कि यह बाजार 2033 तक 22.20 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच जाएगा, जिसमें 2025–2033 की अवधि के दौरान 4.30% की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) दर्ज होगी। ऊंची इमारतों के बढ़ते निर्माण, स्मार्ट सिटी और किफायती आवास जैसी सरकारी पहलें, मेट्रो स्टेशनों, हवाई अड्डों और वाणिज्यिक परिसरों में बढ़ती मांग, तथा ऊर्जा-कुशल और IoT-सक्षम एलेवेटरों में तकनीकी प्रगति इस बाजार वृद्धि में योगदान दे रही हैं।
IMARC सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के सीनियर कंसल्टेंट नकुल गुप्ता ने कहा कि भारत का तेज़ शहरीकरण एलेवेटर और एस्केलेटर की मांग को बढ़ा रहा है, जिसे ऊंची आवासीय और वाणिज्यिक इमारतों में तेज़ बढ़ोतरी से बल मिल रहा है। संयुक्त राष्ट्र का अनुमान है कि 2030 तक भारत की 40.76% आबादी शहरी क्षेत्रों में निवास करेगी, जो 2020 में 34.93% थी, जिससे वर्टिकल बुनियादी ढांचे के विस्तार की आवश्यकता और बढ़ेगी।
वर्टिकल मोबिलिटी इंस्टॉलेशनों में एलेवेटरों की हिस्सेदारी सबसे अधिक है, जो कुल एलेवेटर और एस्केलेटर इकाई बाजार का लगभग 96.8% है। इसमें से लगभग 65–70% मांग आवासीय रियल एस्टेट से, 25% वाणिज्यिक विकास से और 10% मांग हवाई अड्डों, मेट्रो स्टेशनों, अस्पतालों और सार्वजनिक भवनों सहित बुनियादी ढांचा परियोजनाओं से आती है। उद्योग जगत, नीति निर्माता, नियामक, शहरी योजनाकार, डेवलपर्स, वैश्विक निर्माता और प्रौद्योगिकी प्रदाता इस वर्ष ‘वन नेशन, वन लिफ्ट कानून’ जैसे एकीकृत राष्ट्रीय कानून और वर्टिकल मोबिलिटी के भविष्य पर विचार-विमर्श के लिए एक मंच पर एकत्र होंगे। यह चर्चा स्मार्ट लिफ्ट एंड मोबिलिटी वर्ल्ड 2026 के दौरान 5 से 7 फरवरी 2026 तक बेंगलुरु इंटरनेशनल एग्ज़ीबिशन सेंटर (BIEC) में आयोजित की जाएगी।







