Greater Noida: भारतीय नौसेना ने अपने प्रमुख अंतरराष्ट्रीय नौसैनिक अभ्यास मिलन 2026 के अंतर्गत 15 फरवरी 2026 को पूर्वी नौसेना कमान में मिलन विलेज का अनावरण किया। उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता वाइस एडमिरल संजय भल्ला, फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, पूर्वी नौसेना कमान ने की। उन्होंने भाग लेने वाली मित्र नौसेनाओं के लिए औपचारिक रूप से मिलन विलेज का शुभारंभ किया और वैश्विक समुद्री सहयोग को प्रोत्साहित करने हेतु विकसित की गई सुविधाओं का निरीक्षण किया।

काफी विचार-विमर्श व सोच-समझ के बाद विकसित किया गया मिलन विलेज एक विशिष्ट अनुभव क्षेत्र है, जिसे 70 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों और नौसेना कर्मियों को सौहार्द एवं मित्रता के वातावरण में एक साथ लाने के उद्देश्य से परिकल्पित व निर्मित किया गया है। यह सामाजिक एवं सांस्कृतिक आदान-प्रदान का केंद्र है, जो पेशेवर सीमाओं से आगे बढ़कर आपसी जुड़ाव और समझ को सशक्त बनाता है।

मिलन विलेज की एक प्रमुख विशेषता सांस्कृतिक आदान-प्रदान पर इसका विशेष बल है, जो भारत की विविधतापूर्ण विरासत और परंपराओं की समृद्ध एवं जीवंत झलक प्रस्तुत करता है। यह गांव गायकों की सजीव प्रस्तुतियों, पारंपरिक लोक नृत्य कार्यक्रमों और विभिन्न सांस्कृतिक समूहों की मेजबानी करेगा, जो भारत की जीवंत व बहुरंगी कलात्मक विरासत को प्रदर्शित करेंगे।
मिलन विलेज में नौसेना से संबंधित स्मृति चिन्हों के साथ-साथ हस्तशिल्प एवं हथकरघा उत्पादों की अनेक दुकानें स्थापित की गई हैं, जो देशभर की समृद्ध कारीगरी का सुंदर प्रदर्शन करती हैं। इसके अतिरिक्त, आगंतुकों को भारत के विभिन्न क्षेत्रों के स्वादिष्ट एवं पारंपरिक व्यंजनों का आनंद लेने का अवसर भी प्राप्त होगा।
पूर्वी नौसेना कमान के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ वाइस एडमिरल संजय भल्ला ने अपने संबोधन में कहा कि मिलन विलेज सौहार्द और सांस्कृतिक जुड़ाव की उस भावना का प्रतीक है, जो पेशेवर नौसैनिक सहयोग को सुदृढ़ बनाती है। विशाखापत्तनम में आईएफआर, मिलन और आईओएनएस का क्रमिक आयोजन भारत की समुद्री पहुंच के विस्तार व मित्र देशों की नौसेनाओं के साथ सहयोगात्मक जुड़ाव में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है।
मिलन विलेज के उद्घाटन के साथ ही भारतीय नौसेना द्वारा विशाखापत्तनम में आयोजित किए जाने वाले व्यापक कार्यक्रमों और गतिविधियों की श्रृंखला का शुभारंभ हो गया है। 15 से 25 फरवरी 2026 तक विशाखापत्तनम में आयोजित अभ्यास मिलन 2026, अंतर्राष्ट्रीय बेड़ा समीक्षा (आईएफआर) 2026 और आयन्स कॉन्क्लेव ऑफ चीफ्स के साथ मिलकर भारत के ऐतिहासिक समुद्री अभिसरण का एक प्रमुख स्तंभ बनेगा।
हिंद-प्रशांत क्षेत्र में आयोजित होने वाले सबसे बड़े बहुपक्षीय नौसैनिक अभ्यासों में से एक मिलन 2026 विश्व की अनेक नौसेनाओं को एक मंच पर लाएगा, ताकि आपसी सहभागिता, समुद्री क्षेत्र की जागरूकता और सामूहिक प्रतिक्रिया क्षमताओं को सुदृढ़ किया जा सके। अभ्यास के बंदरगाह और समुद्री चरण पनडुब्बी रोधी युद्ध, वायु रक्षा, खोज व बचाव तथा सहयोगात्मक सुरक्षा अभियानों सहित जटिल समुद्री परिचालनों पर केंद्रित होंगे, जो स्वतंत्र, खुले, समावेशी एवं नियम-आधारित समुद्री सीमा के प्रति साझा प्रतिबद्धता को और मजबूत करेंगे।
मिलन 2026 के सांस्कृतिक केंद्रबिंदु के रूप में मिलन विलेज “भाईचारा, सहयोग और सहभागिता” की विषय-वस्तु को सजीव रूप प्रदान करता है। यह पारस्परिक सांस्कृतिक आदान-प्रदान को प्रोत्साहित करने, मित्रता के सेतु को सुदृढ़ करने और सामूहिक समुद्री साझेदारी को मजबूत करने हेतु भाग लेने वाली नौसेनाओं की साझा प्रतिबद्धता का प्रतीक है।






