नई दिल्ली: प्रधानमंत्री Narendra Modi ने आज उत्तर प्रदेश के जेवर में नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन किया। इस अवसर पर गर्व और प्रसन्नता व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आज का दिन ‘विकसित यूपी, विकसित भारत’ अभियान में एक नया अध्याय जोड़ता है। उन्होंने बताया कि देश का सबसे बड़ा राज्य अब अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों की संख्या के मामले में अग्रणी राज्यों में शामिल हो गया है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें दोहरी खुशी हो रही है—पहली, इस हवाई अड्डे की आधारशिला रखने का अवसर मिला और अब इसका उद्घाटन करने का, और दूसरी, इस भव्य हवाई अड्डे का नाम उत्तर प्रदेश से जुड़ा है। उन्होंने कहा, “यह वही राज्य है जिसने मुझे अपना प्रतिनिधि चुना और सांसद बनाया, और अब इसकी पहचान इस शानदार हवाई अड्डे से जुड़ रही है।”
नए हवाई अड्डे के व्यापक प्रभाव को रेखांकित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इससे आगरा, मथुरा, अलीगढ़, गाजियाबाद, मेरठ, इटावा, बुलंदशहर और फरीदाबाद सहित विशाल क्षेत्र को लाभ मिलेगा। उन्होंने जोर दिया कि यह हवाई अड्डा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसानों, लघु एवं मध्यम उद्योगों और युवाओं के लिए अनेक नए अवसर लेकर आएगा। “यहां से विमान दुनिया भर में उड़ान भरेंगे और यह हवाई अड्डा विकसित उत्तर प्रदेश की उड़ान का प्रतीक बनेगा,” उन्होंने कहा।
वैश्विक स्थिति पर बात करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण खाद्य पदार्थ, पेट्रोल, डीजल, गैस और उर्वरक जैसी आवश्यक वस्तुओं का संकट कई देशों में उत्पन्न हो रहा है। उन्होंने बताया कि भारत इस क्षेत्र से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल और गैस आयात करता है। “सरकार हर संभव कदम उठा रही है ताकि इस संकट का बोझ आम परिवारों और किसानों पर न पड़े,” उन्होंने आश्वस्त किया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि वैश्विक संकट के बावजूद भारत तेज विकास की राह पर अग्रसर है। उन्होंने बताया कि हाल के सप्ताहों में पश्चिमी उत्तर प्रदेश में यह चौथी बड़ी परियोजना है जिसका उद्घाटन या शिलान्यास हुआ है। उन्होंने नोएडा में सेमीकंडक्टर फैक्ट्री, दिल्ली-Meerut नमो भारत ट्रेन, मेरठ मेट्रो विस्तार और अब नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि सेमीकंडक्टर फैक्ट्री भारत को तकनीक में आत्मनिर्भर बना रही है, मेरठ मेट्रो और नमो भारत रेल तेज और स्मार्ट कनेक्टिविटी दे रही हैं, और जेवर एयरपोर्ट पूरे उत्तर भारत को दुनिया से जोड़ रहा है। “आज का नोएडा उत्तर प्रदेश के विकास का एक मजबूत इंजन बन रहा है,” उन्होंने कहा।
परियोजना के इतिहास का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने बताया कि वर्ष 2003 में Atal Bihari Vajpayee ने इस हवाई अड्डे को मंजूरी दी थी। वर्तमान सरकार के गठन के बाद इसकी आधारशिला रखी गई, निर्माण हुआ और अब यह चालू हो गया है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह क्षेत्र अब लॉजिस्टिक्स हब के रूप में उभर रहा है, जहां दो प्रमुख मालवाहक कॉरिडोर मिलते हैं, जिससे उत्तर भारत की समुद्री संपर्क क्षमता बढ़ी है। उन्होंने कहा कि यहां उत्पादित कृषि और औद्योगिक वस्तुएं अब तेजी से देश-विदेश तक पहुंच सकेंगी, जिससे निवेशकों के लिए यह क्षेत्र आकर्षण का केंद्र बन रहा है।
उन्होंने कहा, “आज नोएडा पूरी दुनिया का स्वागत करने के लिए तैयार है। यह पूरा क्षेत्र आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को मजबूत कर रहा है।”
प्रधानमंत्री ने किसानों का आभार व्यक्त किया जिन्होंने अपनी जमीन देकर इस परियोजना को साकार किया। उन्होंने कहा कि आधुनिक कनेक्टिविटी के विस्तार से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में फूड प्रोसेसिंग को बढ़ावा मिलेगा और यहां का कृषि उत्पाद वैश्विक बाजारों तक आसानी से पहुंचेगा।
गन्ना किसानों के योगदान का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि एथेनॉल उत्पादन और पेट्रोल में इसके मिश्रण से भारत की कच्चे तेल पर निर्भरता कम हुई है। उन्होंने बताया कि इससे देश को भारी विदेशी मुद्रा की बचत हुई है और किसानों को भी बड़ा लाभ मिला है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि हवाई अड्डे केवल सुविधा नहीं बल्कि विकास के उत्प्रेरक हैं। उन्होंने बताया कि आज देश में 160 से अधिक हवाई अड्डे हैं और हवाई यात्रा अब छोटे शहरों तक पहुंच रही है। उत्तर प्रदेश में हवाई अड्डों की संख्या बढ़कर 17 हो गई है।
उड़ान (UDAN) योजना का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि हवाई यात्रा आम लोगों की पहुंच में रहे। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत करोड़ों लोग सस्ती दरों पर हवाई यात्रा कर चुके हैं और भविष्य में छोटे शहरों में 100 नए हवाई अड्डे और 200 हेलिपैड बनाए जाएंगे।
तेजी से बढ़ते विमानन क्षेत्र का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि नए विमानों की मांग बढ़ रही है, जिससे पायलट, केबिन क्रू और तकनीकी विशेषज्ञों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं।
उन्होंने MRO (मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहॉल) क्षेत्र में आत्मनिर्भरता पर जोर देते हुए कहा कि जेवर में MRO सुविधा की आधारशिला रखी गई है, जो देश और विदेश के विमानों को सेवाएं देगी और युवाओं के लिए रोजगार सृजित करेगी।
रेल सेवाओं के विस्तार का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि दिल्ली-Meerut नमो भारत रेल का उपयोग करोड़ों लोग कर चुके हैं और अब यात्रा समय में भारी कमी आई है।
प्रधानमंत्री ने बताया कि पिछले 11 वर्षों में बुनियादी ढांचे के बजट में छह गुना से अधिक वृद्धि हुई है, लाखों किलोमीटर सड़कों का निर्माण हुआ है और रेलवे का लगभग पूरा ब्रॉड-गेज नेटवर्क विद्युतीकृत हो चुका है।
अंत में, वैश्विक चुनौतियों के बीच राष्ट्रीय एकता का आह्वान करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि देशहित सर्वोपरि है और सभी राजनीतिक दलों को मिलकर इस दिशा में काम करना चाहिए। उन्होंने विश्वास जताया कि सभी दल देश के एकजुट प्रयासों को मजबूत करेंगे।







