New Delhi: आईआईपीपीटी कॉलेज के चेयरमैन संजय सुदान एवं डायरेक्टर डॉ० जितेश खत्री ने भगवत प्रसाद शर्मा की साहित्यिक साधना एवं सामाजिक योगदान की सराहना करते हुए उन्हें स्मृति-चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।
ग्रेटर नोएडा स्थित आईआईपीपीटी कॉलेज में “आराध्या एक अहसास फाउंडेशन” के तत्वावधान में “नारी एक शक्ति, नारी एक सम्मान–2026” विषयक एक गरिमामय, प्रेरणाप्रद एवं वैचारिक दृष्टि से समृद्ध आयोजन सम्पन्न किया था। उस कार्यक्रम का मूल उद्देश्य नारी सशक्तिकरण, सामाजिक चेतना के संवर्धन तथा नारी सम्मान के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण का विस्तार करना रहा।
कार्यक्रम के दौरान नारी को सृष्टि की आधारशिला, सृजन-शक्ति तथा भारतीय सांस्कृतिक परंपरा में “शक्ति-स्वरूपा” एवं “मातृ-तत्त्व” के रूप में प्रतिष्ठित करने वाले विविध आयामों पर गहन विमर्श किया गया।
इस अवसर पर सुप्रसिद्ध कवि एवं साहित्यकार भगवत प्रसाद शर्मा ने अपनी ओजस्वी एवं भावप्रवण काव्य-प्रस्तुति से उपस्थित जनसमूह को भाव-विभोर कर दिया।
अपने काव्य-पाठ के माध्यम से उन्होंने नारी की महत्ता, त्याग, करुणा, शक्ति एवं सृजनशीलता का अत्यंत मार्मिक एवं उदात्त चित्रण प्रस्तुत किया। उनकी पंक्तियाँ—
“मातृशक्ति की सामर्थ्य को नमन…” से आरम्भ होकर नारी के विविध रूपों—सीता, सावित्री, दुर्गा, जननी एवं करुणा-स्वरूपा—का प्रभावशाली वर्णन करती हुई—
“सृष्टि की जननी तुमको अभिनन्दन बारम्बार मेरा”—पर आकर समाप्त हुईं, जिसने समस्त सभागार को तालियों की गड़गड़ाहट से गुंजायमान कर दिया।
अपने उद्बोधन में भगवत प्रसाद शर्मा ने स्पष्ट किया कि शिक्षा, आत्मनिर्भरता एवं जागरूकता ही नारी सशक्तिकरण के सुदृढ़ स्तंभ हैं। उन्होंने नारी-शक्ति का आह्वान करते हुए कहा कि आत्मविश्वास एवं अटूट संकल्प के बल पर जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में उत्कृष्टता के नये आयाम स्थापित किए जा सकते हैं।
कार्यक्रम के समापन पर आईआईपीपीटी कॉलेज के चेयरमैन संजय सुदान एवं डायरेक्टर डॉ० जितेश खत्री ने भगवत प्रसाद शर्मा की साहित्यिक साधना एवं सामाजिक योगदान की सराहना करते हुए उन्हें स्मृति-चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।
इस अवसर पर सृष्टि चौधरी, पृथ्वी मैम, मनीष गुप्ता एवं कुलदीप शर्मा सहित अनेक गणमान्य अतिथि एवं श्रोता उपस्थित रहे।







