बेंगलुरु: देश की सबसे बड़ी गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी–माइक्रो फाइनेंस संस्था (NBFC-MFI) क्रेडिटएक्सेस ग्रामीण लिमिटेड (NSE: CREDITACC, BSE: 541770) ने 75 मिलियन अमेरिकी डॉलर की एक सिंडिकेटेड सोशल लोन सुविधा पर हस्ताक्षर किए हैं। यह ऋण भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के स्वचालित मार्ग के तहत बाहरी वाणिज्यिक उधार (ECB) के रूप में योग्य है।
इस सोशल लोन फंड जुटाने के लिए HSBC ने सोल मैंडेटेड लीड अरेंजर और बुक रनर की भूमिका निभाई। इस व्यवस्था में HSBC (गिफ्ट सिटी), दोहा बैंक (कतर), स्टेट बैंक (मॉरिशस) लिमिटेड, बैंक ऑफ चाइना लिमिटेड (चीन) और नेशनल डेवलपमेंट बैंक पीएलसी (श्रीलंका) की भागीदारी सुनिश्चित की गई। यह लेनदेन अंतरराष्ट्रीय फंड जुटाने के लिए नवोन्मेषी वित्तीय समाधान अपनाने में सीए ग्रामीण के मजबूत ट्रैक रिकॉर्ड को और मजबूत करता है।
सीए ग्रामीण ने वैश्विक बाजारों से पूंजी जुटाकर अपनी देनदारी संरचना को विविध बनाने के उद्देश्य से एनबीएफसी क्षेत्र में अग्रणी स्थान हासिल किया है। इस लेनदेन के साथ ही कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 में वैश्विक बैंकों, विकास वित्तीय संस्थानों और इम्पैक्ट निवेशकों से 300 मिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक की प्रतिबद्धताएँ हासिल कर ली हैं, जिससे माइक्रोफाइनेंस क्षेत्र में विश्वास और नेतृत्व और मजबूत हुआ है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 में अपनी कुल उधारी आवश्यकताओं का 15 प्रतिशत से अधिक विदेशी स्रोतों से पूरा किया है।
इस सुविधा से प्राप्त राशि का उपयोग सीए ग्रामीण के सोशल लोन फ्रेमवर्क के तहत किया जाएगा, जो सोशल लोन प्रिंसिपल्स 2023 के अनुरूप है। यह ढांचा धन के उपयोग में पारदर्शिता, स्पष्ट सामाजिक विकास लक्ष्यों और मजबूत प्रशासनिक मानकों को सुनिश्चित करता है। सस्टेनालिटिक्स ने इस फ्रेमवर्क की विश्वसनीयता और प्रभाव को मान्यता देते हुए सेकेंड-पार्टी ओपिनियन प्रदान की है। यह सुविधा पात्र सामाजिक परियोजनाओं को समर्थन देगी और समुदायों में समावेशी तथा सुदृढ़ विकास को आगे बढ़ाने में मदद करेगी।
फंड जुटाने पर टिप्पणी करते हुए क्रेडिटएक्सेस ग्रामीण के मुख्य वित्तीय अधिकारी निलेश दलवी ने कहा, “हम HSBC के साथ साझेदारी कर खुश हैं और ऑफशोर फाइनेंसिंग सफलतापूर्वक हासिल की है, जिससे हमारी वैश्विक फंडिंग पहुंच और मजबूत हुई है। 3–5 वर्ष की अवधि वाली विदेशी मुद्रा उधारी ने हमारे एसेट-लायबिलिटी मैनेजमेंट (ALM) प्रोफाइल और तरलता स्थिति को काफी मजबूत किया है। अग्रणी वैश्विक ऋणदाताओं के साथ मजबूत संबंध बनाने के हमारे प्रयासों के चलते पिछले पांच वर्षों में विदेशी उधारी का हिस्सा 9 प्रतिशत से बढ़कर 24 प्रतिशत हो गया है, साथ ही फंड की लागत में भी लगातार कमी आई है। यह अनुशासित दृष्टिकोण हमें अपने माइक्रोफाइनेंस ग्राहकों को सस्ती वित्तीय सेवाएँ प्रदान करने और वित्तीय समावेशन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत करने में मदद करता है।”
दक्षिण भारत के लिए इंटरनेशनल मिड-मार्केट की क्षेत्रीय निदेशक ललिता ए. लोडाया ने कहा, “भारत की अग्रणी NBFC-MFI कंपनियों में से एक क्रेडिटएक्सेस ग्रामीण लिमिटेड के लिए इस सिंडिकेटेड फाइनेंसिंग को सफलतापूर्वक पूरा कर हमें खुशी है। विभिन्न ऋणदाताओं की मजबूत भागीदारी से इस क्षेत्र की मजबूती और कंपनी की मजबूत परिसंपत्ति गुणवत्ता तथा विकास रणनीति पर बाजार का विश्वास झलकता है। यह लेनदेन भारतीय NBFC क्षेत्र में HSBC की नेतृत्वकारी भूमिका और हमारी मजबूत स्ट्रक्चरिंग एवं वितरण क्षमता को भी दर्शाता है।”







