लखनऊ: कॉनकॉर्ड कंट्रोल सिस्टम्स लिमिटेड (BSE: CNCRD), जो एम्बेडेड इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम्स और महत्वपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक समाधान के क्षेत्र में भारत की अग्रणी कंपनी है, ने घोषणा की है कि उसकी सहयोगी कंपनी प्रोगोटा इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को भारतीय रेलवे से 53.73 करोड़ रुपये का महत्वपूर्ण ऑर्डर प्राप्त हुआ है।
यह ऑर्डर ऑन-बोर्ड KAVACH 4.0 उपकरणों की आपूर्ति, स्थापना, परीक्षण और कमीशनिंग से संबंधित है। KAVACH 4.0 भारत की स्वदेशी ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन (ATP) प्रणाली है, जिसे टक्कर, अधिक गति और सिग्नल पार करने जैसी घटनाओं को रोकने के लिए डिजाइन किया गया है। इस परियोजना को 12 महीनों के भीतर पूरा किया जाएगा, जिससे ‘आत्मनिर्भर भारत’ पहल के तहत रेलवे सुरक्षा को सुदृढ़ करने में कॉनकॉर्ड की भूमिका और मजबूत होगी।
कॉनकॉर्ड कंट्रोल सिस्टम्स लिमिटेड के संयुक्त प्रबंध निदेशक गौरव लाथ ने कहा, “कवच 4.0 सुरक्षित और अधिक विश्वसनीय रेल नेटवर्क के निर्माण की दिशा में एक बड़ा कदम है, और हमें इस राष्ट्रीय मिशन में योगदान करने पर गर्व है। यह महत्वपूर्ण ऑर्डर हमारी तकनीकी विशेषज्ञता, निष्पादन क्षमता और भारतीय रेलवे के साथ हमारी दीर्घकालिक साझेदारी की मजबूत पुष्टि है। कॉनकॉर्ड में हम स्वदेशी और भविष्य के लिए तैयार समाधानों के माध्यम से भारत की रेलवे सुरक्षा प्रणाली को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
कॉनकॉर्ड कंट्रोल सिस्टम्स लिमिटेड के संयुक्त प्रबंध निदेशक नितिन जैन ने कहा, “यह निरंतर मिला विश्वास भारत के रेलवे सुरक्षा आधुनिकीकरण कार्यक्रम में हमारी विश्वसनीय भागीदार की स्थिति को मजबूत करता है। यह फील्ड ऑर्डर हमारी इंजीनियरिंग क्षमताओं की पुष्टि ही नहीं, बल्कि भारतीय रेलवे नेटवर्क में कवच की तैनाती को व्यापक स्तर पर बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। हमें विश्वास है कि हमारा पूर्णतः इन-हाउस विकसित सिस्टम रेलवे तकनीक में सुरक्षा, विश्वसनीयता और आत्मनिर्भरता के नए मानक स्थापित करेगा।”
हाल ही में घोषित 53.73 करोड़ रुपये के ऑर्डर से पहले भी कॉनकॉर्ड कंट्रोल सिस्टम्स लिमिटेड को भारतीय रेलवे से कई KAVACH 4.0 ऑर्डर प्राप्त हो चुके हैं, जो मुख्यतः उसकी सहयोगी कंपनी प्रोगोटा इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से मिले हैं। ये ऑर्डर इस स्वदेशी ट्रेन टक्कर-निवारण प्रणाली के ऑन-बोर्ड उपकरणों की आपूर्ति, स्थापना, परीक्षण और कमीशनिंग से संबंधित रहे हैं।
सितंबर 2025 में कंपनी को दक्षिण मध्य रेलवे से 19.45 करोड़ रुपये का फील्ड ऑर्डर मिला था, जो इसकी पहली बड़ी तैनाती थी और इसके इन-हाउस SiL4-प्रमाणित तकनीक की पुष्टि करता है। इसके बाद फरवरी 2026 की शुरुआत में प्रोगोटा के माध्यम से 185.09 करोड़ रुपये का एक बड़ा अनुबंध भी मिला, जो ऑन-बोर्ड लोको उपकरणों के लिए था और जिसकी निष्पादन अवधि 12 महीने निर्धारित है। इन ऑर्डरों ने रेलवे सुरक्षा के आधुनिकीकरण और विस्तार में कॉनकॉर्ड की भूमिका को और सुदृढ़ किया है।







