Greater Noida: केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने दूरसंचार विभाग की “समृद्ध ग्राम फिजिटल सेवाएं” पायलट पहल के अंतर्गत मध्य प्रदेश के गुना जिले के उमरी गांव में एकीकृत फिजिटल (भौतिक + डिजिटल) सेवा केंद्र समृद्धि केंद्र का उद्घाटन किया।

यह पहल भारतनेट के तहत निर्मित उच्च गति ब्रॉडबैंड अवसंरचना का उपयोग करते हुए डिजिटल कनेक्टिविटी को ग्रामीण क्षेत्रों में नागरिक-केंद्रित सेवाओं की एकीकृत आपूर्ति के मंच में परिवर्तित करने का प्रयास करती है।
समृद्धि केंद्र की परिकल्पना एक सिंगल-विंडो ग्रामीण सेवा केंद्र के रूप में की गई है, जहाँ स्वास्थ्य, शिक्षा, कौशल विकास, कृषि, वित्तीय सेवाएं, ई-गवर्नेंस सहायता, उद्यमिता प्रोत्साहन तथा डिजिटल कनेक्टिविटी सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगी।

कनेक्टिविटी से ग्रामीण सशक्तिकरण की ओर
इस अवसर पर श्री सिंधिया ने कहा, “गुना के उमरी में समृद्ध ग्राम पहल के शुभारंभ के साथ हम दुनिया को उमरी तक ला रहे हैं। शिक्षा और कृषि से लेकर स्वास्थ्य तथा सरकारी सेवाओं तक, प्रौद्योगिकी हमारे नागरिकों के हाथों में नए अवसर सीधे पहुंचा रही है।”

पहल के लाभों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, “डिजिटल उपकरणों के माध्यम से किसानों को मिट्टी की नमी, पोषक तत्वों तथा फसल के स्वास्थ्य से संबंधित जानकारी प्राप्त होगी, जिससे कृषि अधिक स्मार्ट और उत्पादक बनेगी। छात्रों को आधुनिक शिक्षण संसाधनों तक पहुंच मिलेगी। उमरी के नागरिकों को यहीं पर जांच सुविधाएं तथा दिल्ली और अन्य राज्यों के चिकित्सकों से टेली-परामर्श के माध्यम से त्वरित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी। रक्त परीक्षण रिपोर्ट 30 मिनट से भी कम समय में प्राप्त की जा सकेगी। प्रमाणपत्रों से लेकर ई-बैंकिंग तक आवश्यक सरकारी सेवाएं अब समृद्ध ग्राम के भीतर ही उपलब्ध होंगी। यह वास्तव में ‘भविष्य का कार्यक्रम’ है, जो यह सुनिश्चित करता है कि विकास की गति हर गांव और हर नागरिक तक पहुंचे।”

मंत्री सिंधिया ने कहा कि भारतनेट के माध्यम से देश में विश्व की सबसे बड़ी ग्रामीण ब्रॉडबैंड अवसंरचनाओं में से एक का निर्माण हुआ है। भारत के डिजिटल परिवर्तन के अगले चरण में इस कनेक्टिविटी का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करना आवश्यक है, ताकि गांवों में जीवन की गुणवत्ता में सुधार हो सके।
मंत्री ने इस बात पर प्रकाश डाला कि एकीकृत फिजिटल सेवा केंद्र ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, वित्तीय तथा ई-गवर्नेंस सेवाएँ उपलब्ध कराने के लिए माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की परिकल्पना को साकार करने में सहायक होगा। उन्होंने आगे कहा कि समृद्ध ग्राम पहल केवल कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने तक सीमित न रहकर, ग्रामीण भारत में एकीकृत डिजिटल सेवा वितरण तंत्र विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण बदलाव का प्रतीक है।
मंत्री सिंधिया ने यह भी कहा कि इस प्रकार के फिजिटल सेवा केंद्र डिजिटल समावेशन, ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देने, सरकारी सेवाओं तक बेहतर पहुंच सुनिश्चित करने, अंतिम छोर तक सेवा वितरण को सुदृढ़ करने तथा स्थानीय रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
समृद्धि केंद्र में उपलब्ध सेवाएं
उमरी (गुना) स्थित समृद्धि केंद्र में विभिन्न प्रकार की एकीकृत सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जिनमें टेलीमेडिसिन परामर्श, बुनियादी स्वास्थ्य जांच के लिए हेल्थ एटीएम तथा प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना के माध्यम से किफायती दवाओं की उपलब्धता शामिल है।
केंद्र में शिक्षा एवं कौशल विकास के लिए स्मार्ट क्लासरूम अवसंरचना, डिजिटल लर्निंग सुविधाएं, राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान द्वारा समर्थित डिजिटल प्रशिक्षण कार्यक्रम तथा ग्रामीण युवाओं के लिए कौशल विकास कार्यक्रम उपलब्ध होंगे।
कृषि संबंधी सेवाओं के अंतर्गत मिट्टी परीक्षण सहायता, कृषि परामर्श सेवाएं, आधुनिक खेती की तकनीकों तक पहुंच तथा ड्रोन आधारित कृषि सेवाएं प्रदान की जाएंगी, जिससे क्षेत्र के किसानों को लाभ मिलेगा।
केंद्र के माध्यम से ई-गवर्नेंस सेवाओं तक सहायक पहुंच भी उपलब्ध होगी, जिसमें सरकारी योजनाओं की जानकारी, प्रमाणपत्र जारी करना, डिजिटल दस्तावेजीकरण तथा ऑनलाइन नागरिक सेवाओं में सहायता शामिल है।
वित्तीय और डिजिटल सेवाओं के अंतर्गत बैंकिंग एवं डिजिटल भुगतान सेवाएं, वित्तीय साक्षरता सहायता तथा ई- मर्स प्लेटफार्मों तक सहायक पहुंच प्रदान की जाएगी।
कनेक्टिविटी सेवाएं भारतनेट समर्थित उच्च गति एफटीटीएच (FTTH) ब्रॉडबैंड तथा पीएम-वाणी ढांचे के अंतर्गत सार्वजनिक वाई-फाई के माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही हैं।
समृद्धि केंद्र के माध्यम से समुदाय सुरक्षा के लिए डिजिटल निगरानी तथा सरकारी जनसंपर्क शिविरों एवं सेवा वितरण कार्यक्रमों के आयोजन में सहयोग भी प्रदान किया जाएगा।
समुदाय आधारित और सतत मॉडल
यह केंद्र समुदाय आधारित मॉडल पर संचालित होगा, जिसमें प्रशिक्षित स्थानीय युवा विलेज लेवल एंटरप्रेन्योर (VLE) के रूप में कार्य करेंगे। इससे ग्रामीण रोजगार को प्रोत्साहन मिलेगा तथा पहल की दीर्घकालिक स्थिरता सुनिश्चित होगी।
इस पहल का क्रियान्वयन दूरसंचार विभाग द्वारा डिजिटल एम्पावरमेंट फाउंडेशन के साथ साझेदारी में किया जा रहा है। यह संस्था क्षेत्रीय संचालन तथा सामुदायिक सहभागिता के लिए सहयोगी भागीदार के रूप में कार्य करते हुए स्थानीय भागीदारी, क्षमता निर्माण तथा संचालन प्रबंधन में सहयोग प्रदान कर रही है।
इस मॉडल में सेवा वितरण से प्राप्त राजस्व, सामुदायिक सहभागिता, डिजिटल उद्यमिता तथा विभिन्न सरकारी कार्यक्रमों के साथ समन्वय के माध्यम से एक सतत (टिकाऊ) व्यवस्था को शामिल करता है।
विकसित भारत की मजबूत नींव बनेंगे हमारे समृद्ध गांव…
आज गुना के आरी–उमरी गाँव में देश के पहले ‘समृद्ध ग्राम’ के रूप में इस योजना का शुभारंभ करते हुए अपार संतोष हुआ। यह पहल स्वास्थ्य, शिक्षा, डिजिटल सेवाएं और आधुनिक कृषि की सुविधाओं को गांव तक पहुंचाकर युवाओं, किसानों और… pic.twitter.com/6wJuozoCT8
— Jyotiraditya M. Scindia (@JM_Scindia) March 14, 2026







