Mullana, Ambala: महर्षि मार्कंडेश्वर (डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी), मुलाना–अंबाला में एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज़, नई दिल्ली के तत्वावधान में आयोजित 39वां अंतर–विश्वविद्यालय उत्तर–मध्य क्षेत्रीय युवा महोत्सव ‘यूनिफेस्ट 2025–26’ का समापन सत्र अत्यंत गरिमामय एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। इस पांच दिवसीय महोत्सव में उत्तर–मध्य क्षेत्र की 27 विश्वविद्यालयों से 1300 से अधिक प्रतिभागियों ने प्रतिभाग किया। इन प्रतिभागी विश्वविद्यालयों में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय, जामिया मिल्लिया इस्लामिया, अमिटी विश्वविद्यालय, दिल्ली विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ विश्वविद्यालय, केंद्रीय विश्वविद्यालय हरियाणा, कुरूक्षेत्र विश्वविद्यालय सहित देश के कई प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान शामिल हुए।

इस यूनिफेस्ट मे संगीत, नृत्य, नाट्य, ललित कला, साहित्यिक एवं लोक कलाओं से संबंधित विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। समापन समारोह का आयोजन मुख्य सभागार में किया गया, जहाँ देशभर से पधारे प्रतिभागी विद्यार्थियों, शिक्षाविदों, निर्णायकों एवं अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

इस समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर हरियाणा सरकार के कैबिनेट मंत्री रणबीर सिंह गंगवा मौजूद रहे। साथ ही साथ महर्षि मार्कण्डेय विश्विद्याल के कुलपति प्रो. (डॉ.) एच.के. शर्मा, प्रति-कुलपति प्रो. (डॉ.) बी. श्रीधर रेड्डी, कुलसचिव डॉ. सुमित मित्तल, एआईयू के पर्यवेक्षक फादर सोनी चुनदत्तू, तकनीकी पर्यवेक्षक डॉ संतोष पाठक, डीन एकेडमिक डॉ. एन. के. बत्रा और डीन स्टूडेंट वेलफेयर डॉ. जे. के. शर्मा उपस्थित रहे।
इस अवसर पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए हरियाणा सरकार के मंत्री रणबीर सिंह गंगवा ने कहा कि युवाओं को इतनी बड़ी संख्या में एक मंच पर संबोधित करना उनके लिए गर्व का विषय है। उन्होंने युवा महोत्सव में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन युवाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का एक सुनहरा अवसर प्रदान करते हैं। युवा महोत्सव न केवल प्रतिभाओं को मंच देता है, बल्कि युवाओं के आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और रचनात्मकता के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। सरकार युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है तथा उनके कौशल विकास के लिए विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों के माध्यम से उन्हें सशक्त बना रही है। आज का युवा केवल नौकरी पाने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बन रहा है, जो देश के उज्ज्वल भविष्य का संकेत है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपने जीवन का स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करें और उसे प्राप्त करने के लिए निरंतर परिश्रम करें, तभी जीवन में सफलता सुनिश्चित होगी।
इस अवसर पर एआईयू के पर्यवेक्षक फादर सोनी चंददत्तू ने अपने संबोधन में कहा कि यह आयोजन संस्कृति, रचनात्मकता और विविधता का एक जीवंत उत्सव रहा है। इस महोत्सव ने सभी के हृदय और मन पर एक अविस्मरणीय छाप छोड़ी है। इन मंचों के माध्यम से असाधारण प्रतिभा, जुनून और सृजनात्मकता का अद्भुत संगम देखने को मिला, जो वास्तव में प्रेरणादायक है। प्रतिभागियों द्वारा प्रस्तुत की गई प्रस्तुतियों ने यह सिद्ध कर दिया कि आज का युवा न केवल प्रतिभाशाली है, बल्कि अपनी कला, विचारों और अभिव्यक्ति के माध्यम से समाज को नई दिशा देने की क्षमता भी रखता है।
कुलपति प्रो. (डॉ.) हरिश कुमार शर्मा ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आयोजन से जुड़े सभी निर्णायकों को उनके जुनून, परिश्रम और समर्पण के लिए हार्दिक बधाई एवं धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों की सफलता में निर्णायकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है, जिनके निष्पक्ष निर्णय और प्रतिबद्धता से प्रतियोगिताओं की गरिमा बनी रहती है और कहा कि “हर अच्छी चीज़ का एक अंत होता है, लेकिन यह आयोजन केवल एक कार्यक्रम नहीं बल्कि हमारे विश्वविद्यालय के लिए एक शानदार महोत्सव रहा है। यह महोत्सव हमारे विश्वविद्यालय की उत्सवधर्मी भावना, सांस्कृतिक समृद्धि और एकता के भाव को दर्शाता है।”
महर्षि मार्कंडेश्वर (डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी), मुलाना–अंबाला में एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज़, नई दिल्ली के तत्वावधान में आयोजित 39वां अंतर–विश्वविद्यालय उत्तर–मध्य क्षेत्रीय युवा महोत्सव ‘यूनिफेस्ट 2025–26’ का समापन सत्र अत्यंत गरिमामय एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। इस पांच दिवसीय महोत्सव में उत्तर–मध्य क्षेत्र की 27 विश्वविद्यालयों से 1300 से अधिक प्रतिभागियों ने प्रतिभाग किया। इन प्रतिभागी विश्वविद्यालयों में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय, जामिया मिल्लिया इस्लामिया, अमिटी विश्वविद्यालय, दिल्ली विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ विश्वविद्यालय, केंद्रीय विश्वविद्यालय हरियाणा, कुरूक्षेत्र विश्वविद्यालय सहित देश के कई प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान शामिल हुए।
इस यूनिफेस्ट मे संगीत, नृत्य, नाट्य, ललित कला, साहित्यिक एवं लोक कलाओं से संबंधित विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। समापन समारोह का आयोजन मुख्य सभागार में किया गया, जहाँ देशभर से पधारे प्रतिभागी विद्यार्थियों, शिक्षाविदों, निर्णायकों एवं अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
इस समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर हरियाणा सरकार के कैबिनेट मंत्री माननीय श्री रणबीर सिंह गंगवा मौजूद रहे। साथ ही साथ महर्षि मार्कण्डेय विश्विद्याल के कुलपति प्रो. (डॉ.) एच.के. शर्मा, प्रति-कुलपति प्रो. (डॉ.) बी. श्रीधर रेड्डी, कुलसचिव डॉ. सुमित मित्तल, एआईयू के पर्यवेक्षक फादर सोनी चुनदत्तू, तकनीकी पर्यवेक्षक डॉ संतोष पाठक, डीन एकेडमिक डॉ. एन. के. बत्रा और डीन स्टूडेंट वेलफेयर डॉ. जे. के. शर्मा उपस्थित रहे।
इस अवसर पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए हरियाणा सरकार के मंत्री रणबीर सिंह गंगवा ने कहा कि युवाओं को इतनी बड़ी संख्या में एक मंच पर संबोधित करना उनके लिए गर्व का विषय है। उन्होंने युवा महोत्सव में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन युवाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का एक सुनहरा अवसर प्रदान करते हैं। युवा महोत्सव न केवल प्रतिभाओं को मंच देता है, बल्कि युवाओं के आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और रचनात्मकता के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। सरकार युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है तथा उनके कौशल विकास के लिए विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों के माध्यम से उन्हें सशक्त बना रही है। आज का युवा केवल नौकरी पाने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बन रहा है, जो देश के उज्ज्वल भविष्य का संकेत है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपने जीवन का स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करें और उसे प्राप्त करने के लिए निरंतर परिश्रम करें, तभी जीवन में सफलता सुनिश्चित होगी।
इस अवसर पर एआईयू के पर्यवेक्षक फादर सोनी चंददत्तू ने अपने संबोधन में कहा कि यह आयोजन संस्कृति, रचनात्मकता और विविधता का एक जीवंत उत्सव रहा है। इस महोत्सव ने सभी के हृदय और मन पर एक अविस्मरणीय छाप छोड़ी है। इन मंचों के माध्यम से असाधारण प्रतिभा, जुनून और सृजनात्मकता का अद्भुत संगम देखने को मिला, जो वास्तव में प्रेरणादायक है। प्रतिभागियों द्वारा प्रस्तुत की गई प्रस्तुतियों ने यह सिद्ध कर दिया कि आज का युवा न केवल प्रतिभाशाली है, बल्कि अपनी कला, विचारों और अभिव्यक्ति के माध्यम से समाज को नई दिशा देने की क्षमता भी रखता है।
कुलपति प्रो. (डॉ.) हरिश कुमार शर्मा ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आयोजन से जुड़े सभी निर्णायकों को उनके जुनून, परिश्रम और समर्पण के लिए हार्दिक बधाई एवं धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों की सफलता में निर्णायकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है, जिनके निष्पक्ष निर्णय और प्रतिबद्धता से प्रतियोगिताओं की गरिमा बनी रहती है और कहा कि “हर अच्छी चीज़ का एक अंत होता है, लेकिन यह आयोजन केवल एक कार्यक्रम नहीं बल्कि हमारे विश्वविद्यालय के लिए एक शानदार महोत्सव रहा है। यह महोत्सव हमारे विश्वविद्यालय की उत्सवधर्मी भावना, सांस्कृतिक समृद्धि और एकता के भाव को दर्शाता है।”







