Mulana: महार्षि मार्कंडेश्वर (डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी), मुलाना के इंस्टीट्यूशन इनोवेशन काउंसिल (IIC) द्वारा गुरुवार को विश्वविद्यालय ऑडिटोरियम में स्टार्टअप हरियाणा (हरियाणा सरकार की एक पहल) के सहयोग से स्टार्टअप सेंसिटाइजेशन एवं जागरूक वर्कशॉप का आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के विभिन्न घटक संस्थानों से आए 900 से अधिक छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
यह पहल माननीय चांसलर तरसेम कुमार गर्ग के दूरदर्शी नेतृत्व तथा विश्वविद्यालय प्रबंधन के मार्गदर्शन डॉ. विशाल गर्ग का प्रतिबिंब है, जिनका निरंतर प्रयास भावी नेतृत्वकर्ताओं के निर्माण पर केंद्रित रहा है। माननीय कुलपति डॉ. हरिश शर्मा ने सदैव विद्यार्थियों में समस्या-समाधान क्षमता, नवाचार और व्यावहारिक सोच को विकसित करने पर बल दिया है। इस प्रकार के कार्यक्रम महर्षि मार्कंडेश्वर विश्वविद्यालय की प्रगतिशील दृष्टि और शैक्षणिक उत्कृष्टता को दर्शाते हैं।
कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में प्रो. डॉ. बी. श्रीधर रेड्डी, प्रो-वाइस चांसलर ने विद्यार्थियों को उद्यमिता अपनाने और जॉब सीकर के बजाय जॉब क्रिएटर बनने के लिए प्रेरित किया। डॉ. सुमित मित्तल, रजिस्ट्रार एवं कार्यक्रम अध्यक्ष, तथा डॉ. विपिन सैनी, निदेशक (RAAC) ने भी कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई और प्रतिभागियों को स्टार्टअप अवसरों को सक्रिय रूप से तलाशने के लिए प्रोत्साहित किया।
डॉ. तरुण सिंह ने संस्थान नवाचार परिषद और उसकी विभिन्न पहलों का परिचय दिया, जबकि प्रो. डॉ. जयाशीष सेठी ने विश्वविद्यालय की नवाचार एवं स्टार्टअप क्षेत्र में उपलब्धियों को रेखांकित किया।
स्टार्टअप हरियाणा की ओर से विशाल शर्मा, रंजना एवं मोनिका ने हरियाणा स्टार्टअप इकोसिस्टम, स्टार्टअप इंडिया एवं DPIIT योजनाओं, फंडिंग अवसरों तथा सरकार द्वारा उपलब्ध सहयोग पर विस्तृत जानकारी प्रदान की।
कार्यक्रम का समापन एक इंटरैक्टिव सत्र, धन्यवाद ज्ञापन एवं राष्ट्रीय गान के साथ हुआ। इसके पश्चात हाई-टी एवं नेटवर्किंग सत्र आयोजित किया गया, जिसमें प्रतिभागियों और स्टार्टअप विशेषज्ञों के बीच सार्थक संवाद का मंच प्राप्त हुआ।
कार्यक्रम की सफलता में आयोजन समिति के सदस्यों — डॉ. मोनिका दास, डॉ. जोगिंदर सिंह, बैंकिम, डॉ. लक्ष्य, डॉ. धनंजय एवं डॉ. संदीप — का विशेष योगदान रहा। मीडिया कवरेज के लिए डॉ. दिव्या एवं श्रेया का विशेष सहयोग रहा। सह-संयोजक डॉ. समीर शर्मा द्वारा धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया। यह कार्यशाला युवाओं को अपने नवाचारी विचारों को सफल स्टार्टअप में बदलने के लिए प्रेरित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हुई।







