नई दिल्ली: आर्सेलरमित्तल ने आंध्र प्रदेश के अनाकापल्ली जिले के राजय्यापेटा में अपने संयुक्त उपक्रम आर्सेलरमित्तल निप्पॉन स्टील इंडिया (एएम/एनएस इंडिया) के नए एकीकृत इस्पात संयंत्र के शिलान्यास समारोह की घोषणा की।
इस समारोह में भारत सरकार और आंध्र प्रदेश सरकार के वरिष्ठ प्रतिनिधियों के साथ-साथ आर्सेलरमित्तल के कार्यकारी अध्यक्ष लक्ष्मी मित्तल और आर्सेलरमित्तल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं एएम/एनएस इंडिया के चेयरमैन आदित्य मित्तल भी उपस्थित रहे।
राजय्यापेटा स्थित यह संयंत्र उच्च गुणवत्ता वाले, मूल्य-वर्धित इस्पात उत्पादों की एक विस्तृत श्रृंखला का उत्पादन करेगा, जिससे भारत की घरेलू इस्पात उत्पादन क्षमता बढ़ाने की महत्वाकांक्षा को मजबूती मिलेगी। इससे 1 लाख से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने की उम्मीद है।
उत्तम तटीय स्थान और मौजूदा स्लरी पाइपलाइन के निकट होने के कारण, जो भारत के सबसे समृद्ध लौह अयस्क भंडारों में से एक से आसानी से जुड़ाव सुनिश्चित करती है, यह संयंत्र देश के सबसे कम लागत वाले और प्रतिस्पर्धी संयंत्रों में से एक होगा।
नए संयंत्र में इस्पात उत्पादन कार्यों की शुरुआत वर्ष 2029 की पहली तिमाही तक होने की योजना है, जबकि अन्य इकाइयों को इसके बाद की तिमाहियों में चरणबद्ध तरीके से शुरू किया जाएगा। इस परियोजना में कुल निवेश ₹70,000 करोड़ (लगभग 7.5–8 अरब अमेरिकी डॉलर) से अधिक आंका गया है, जिसे चरणबद्ध तरीके से लगाया जाएगा।
यह परियोजना भारत में अपनी उपस्थिति बढ़ाने की आर्सेलरमित्तल की रणनीति का हिस्सा है, जहां बुनियादी ढांचे, शहरीकरण और औद्योगिक विकास के चलते दीर्घकालिक मांग मजबूत बनी हुई है। यह एएम/एनएस इंडिया के हजीरा स्थित मौजूदा संयंत्र के विस्तार पर भी आधारित है। भारत ने 2030–31 तक 300 मिलियन टन कच्चे इस्पात क्षमता हासिल करने का लक्ष्य रखा है, और नए, उन्नत इस्पात संयंत्रों का विकास इस लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
आर्सेलरमित्तल के कार्यकारी अध्यक्ष लक्ष्मी मित्तल ने कहा, “आज भारत के साथ हमारी साझेदारी के नए अध्याय की शुरुआत है, जो साझा महत्वाकांक्षा और स्थायी विश्वास पर आधारित है। मैं पिछले 50 वर्षों से इस्पात उद्योग में हूं, और मैं ईमानदारी से कह सकता हूं कि भारत में जो हम बना रहे हैं, वह इन 50 वर्षों की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है। मुझे गर्व है कि हम ‘विकसित भारत’ की दिशा में सार्थक योगदान दे पा रहे हैं, यह दर्शाते हुए कि विश्वस्तरीय इस्पात निर्माण सतत विकास और आत्मनिर्भरता को कैसे बढ़ावा दे सकता है। मैं इस परियोजना का समर्थन करने वाले सभी लोगों का धन्यवाद करता हूं, जो स्थानीय समुदायों और आंध्र प्रदेश राज्य के लिए भी परिवर्तनकारी साबित होगी।”
आर्सेलरमित्तल निप्पॉन स्टील इंडिया के चेयरमैन और आर्सेलरमित्तल के सीईओ आदित्य मित्तल ने कहा, “इस्पात जीवन का आधार है, और हमें इस अद्भुत नए संयंत्र के माध्यम से भारत की इस्पात क्षमता के विस्तार में योगदान करने का अवसर मिलने पर गर्व है। यह देश की सबसे आधुनिक और प्रतिस्पर्धी इकाइयों में से एक होगा। इसका तटीय स्थान और मौजूदा स्लरी पाइपलाइन के माध्यम से देश के सबसे समृद्ध लौह अयस्क क्षेत्र से जुड़ने की सुविधा इसे इस्पात निर्माण के लिए उत्कृष्ट स्थान बनाती है। दक्षिण भारत सबसे तेजी से विकसित हो रहे बाजारों में से एक है, जहां उत्कृष्ट लॉजिस्टिक्स उपलब्ध हैं, जिससे यह संयंत्र क्षेत्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर ग्राहकों की जरूरतों को पूरा कर सकेगा। अब निर्माण कार्य शुरू होगा, और इसमें सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। मैं प्रगति देखने और निर्माण के महत्वपूर्ण पड़ावों का जश्न मनाने के लिए उत्सुक हूं। इस संयंत्र के पूरा होने से एएम/एनएस इंडिया की देश की अग्रणी इस्पात कंपनियों में स्थिति और मजबूत होगी।”







